संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की सफाई व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखने निकलीं मेयर सुमन बहमनी को वीरवार को कई स्थानों पर अव्यवस्थाएं मिलीं। वार्ड छह, सात और 22 के निरीक्षण के दौरान नालों में जमी गंदगी, श्मशान घाट के आसपास बिखरा कूड़ा और निर्माण कार्यों में तकनीकी खामियां सामने आईं।
मेयर ने सबसे पहले गोविंदपुरा के श्मशान घाट का दौरा किया। यहां सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। परिसर में कूड़ा बिखरा था और मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल व शौचालयों की स्थिति भी ठीक नहीं पाई गई। मेयर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थान पर स्वच्छता और व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
इसके बाद मेयर वार्ड नंबर छह स्थित गढ़ी गांव के श्मशान घाट के पीछे और वार्ड सात में स्वामी विवेकानंद स्कूल के पास जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का निरीक्षण करने पहुंचीं। यहां नाले की सफाई व्यवस्था लचर मिली। नाले की ऊंचाई कम होने के कारण पास में एकत्र किया गया कबाड़ भी उसमें गिरा हुआ था, जिससे जलनिकासी बाधित हो रही थी।
मेयर ने कहा कि बरसात से पहले नालों की नियमित सफाई अनिवार्य है, अन्यथा जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने नाले की तत्काल सफाई और आसपास जमा कबाड़ हटाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वार्ड नंबर 22 के संजय विहार में निर्माणाधीन सड़क का भी जायजा लिया गया।
यहां सड़क किनारे बनाए जा रहे चैंबर की ऊंचाई साथ लगती गली के बराबर पाई गई। मेयर ने चिंता जताई कि सड़क बनने के बाद उसका स्तर गली से ऊंचा हो जाएगा, जिससे पानी निकासी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने अभियंता शाखा के अधिकारियों को तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। मेयह बहमनी ने स्पष्ट कहा कि शहर के विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। सफाई के नाम पर खानापूर्ति और अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नियमित निरीक्षण कर नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में मानकों की अनदेखी पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।