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Yamuna Nagar News: डेंगू का खात्मा करने के लिए घर-घर दस्तक

Tue, 04 Nov 2025 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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कूलर में लारवा की तलाश करते कर्मचारी। विभाग।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में डेंगू लगातार अपने पांव पसार रहा है। ऐसे में 82 केस सामने आ चुके हैं। वहीं डेंगू का खात्मा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा, वहीं हाई रिस्क एरिया पर भी नजर गड़ाए हुए है। डेंगू के खात्मा करने के लिए टीमें घर-घर जाकर दस्तक दे रही है। इसके अलावा जो ग्रामीण व शहरी हाई रिस्क एरिया हैं उन पर विभाग नजर गड़ाए हुए है।
उधर, फील्ड में घर-घर जाकर कर्मचारी जहां अभी तक बर्तनों की जांच, खून के सैंपल व पंफलेट जैसे कार्य कर रहे हैं, वहीं कर्मचारी छत पर चढ़ कर पानी की टंकी की अच्छी तरह से जांच करनी होगी। वहीं गुजरे सालों पर नजर दौड़ाएं तो 2024 में जिले में डेंगू के 190 केस मिले थे। इससे पहले 2023 में 735 केस, 2022 में 932 केस मिले थे। इस साल डेंगू के 82 केस कंफर्म हो चुके हैं।
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उधर, मलेरिया विभाग ने डेंगू के लारवा की जांच के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई है जोकि घर-घर जाकर बर्तनों, वस्तुओं में लारवा की जांच कर रही है। इसके अलावा कर्मचारी लारवा जांच के दौरान ही लोगों को पंफलेट बांट कर भी उन्हें डेंगू व मलेरिया से कैसे बच सकते हैं के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में पंचायतों को भी डेंगू व मलेरिया के बचाव व लक्षणों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्र के हाई रिस्क एरिया
गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली, रापौली शामिल है। जहां पिछले साल 104 डेंगू के केस आए थे।

शहरी क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया

सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-17 व 18, काली मंदिर, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, नजदीक आईटीआई, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर व अशोक विकार शामिल हैं। जहां पर पिछले साल डेंगू के 86 केस आए थे।
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विभाग के कर्मचारी लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं। वे घर-घर जाकर घरों में खुले में रखे सामान के अंदर लारवा की जांच कर रहे हैं। छत पर रखी पानी की टंकियों को अच्छी तरह से जांच करने को भी कहा है। जो हाई रिस्क एरिया है उन्हें बार-बार चेक किया जा रहा है। - डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।
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