संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में बेसहारा कुत्तों के काटने से लोगों में डर का माहौल बन गया है। यदि कहीं कुत्ता बैठा है तो लोग उससे बचने के लिए 10 फीट की दूरी से होकर निकलते हैं। जिले में शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर 10 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई।
एक ही दिन में इतनी घटनाओं ने शहर में बढ़ती कुत्तों के काटने की समस्या को फिर उजागर कर दिया है। श्याम सुंदरपुरी निवासी हर्षवर्धन, जम्मू कॉलोनी के कुलदीप, आजाद नगर गली नंबर-6 के राजेश कुमार, गांव दड़वा के रौनक, आईटीआई की छात्रा कनक कौशिक, सेक्टर-17 के समर, प्रीशा, मॉडल टाउन के मोहित कपूर, दुर्गा गार्डन की सानवी और राझेड़ा के लीलूधर शर्मा को अलग-अलग स्थानों पर कुत्तों ने काट लिया।
परिजनों का कहना है कि घर से बाजार या स्कूल-कॉलेज जाते समय झुंड में घूम रहे कुत्ते अचानक हमला कर देते हैं। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। शहर की सड़कों से लेकर कॉलोनियों की गलियों तक दिनभर कुत्तों के झुंड नजर आते हैं। कई जगह घरों के गेट के सामने कुत्ते डेरा जमाए बैठे रहते हैं। इससे बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल है। यहां तक कि कुछ सरकारी कार्यालय परिसरों में भी कुत्तों की मौजूदगी आम हो गई है।
हर माह 700 से 800 लोगों को लग रहा टीका
जिला नागरिक अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जिले में हर माह 700 से 800 लोग रैबीज का टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। जनवरी 2025 से अब तक के आंकड़े स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। जनवरी में 714, फरवरी में 846, मार्च में 833, अप्रैल में 792, मई में 488, जून में 781, जुलाई में 1118, अगस्त में 1023, सितंबर में 1019, अक्तूबर में 1040, नवंबर में 760, दिसंबर में 770 और इस वर्ष जनवरी में 820 केस सामने आए। फरवरी का आंकड़ा भी इसी के आसपास रहने वाला है। यह केवल सरकारी अस्पताल का आंकड़ा है। निजी अस्पतालों में इलाज कराने वालों की संख्या अलग है।
कुत्ता पकड़ने के लिए हेल्पलाइन पर करें फोन
नगर निगम ने हेल्पलाइन नंबर 7082410824 जारी किया है, जिस पर शिकायत कर कुत्ते पकड़वाए जा सकते हैं। वहीं निगम की ओर सेकुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। चनेटी रोड पर चिन्हित स्थान पर अब तक करीब 400 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। नसबंदी के बाद पांच से सात दिन निगरानी में रखा जाता है। प्रति कुत्ता 1500 रुपये का भुगतान एजेंसी को किया जा रहा है। अंबाला मार्ग पर तीन डॉग शेल्टर होम भी बनाए गए हैं, जिनमें 250 बीमार या जख्मी कुत्तों को रखने की व्यवस्था है। आखिरी बार वर्ष 2015 में 16,170 कुत्तों की नसबंदी हुई थी। इसके बाद लंबे अंतराल तक अभियान न चलने से संख्या बढ़ती गई।
कुत्तों के काटने की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। रोजाना जिला नागरिक अस्पताल में ऐसे केस आ रहे हैं, जिन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त वैक्सीन मौजूद है। -डॉ. वागीश गुटैन, जिला निगरानी अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
भाई कन्हैया साहिब चौक के पास कॉलोनी में घूमते लावारिस कुत्ते। संवाद
भाई कन्हैया साहिब चौक के पास कॉलोनी में घूमते लावारिस कुत्ते। संवाद