जगाधरी। पूर्णिमा के साथ ही भद्रा काल भी शुरू हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्राकाल में दहन नहीं किया जा सकता है। ऐसे में प्रदोष काल में मध्यरात्रि 12:50 बजे होलिका दहन किया जाएगा।
ज्योतिषाचार्यों व शास्त्रों के अनुसार तीन मार्च को चंद्रग्रहण लग रहा है। मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। सूतक काल में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य या उत्सव मनाने की मनाही होती है। जिले का पुराना होलिका दहन कार्यक्रम रेलवे स्टेशन चौक पर करवाया जाता है। यहां पर 78 वर्ष से होलिका दहन हो रहा है। इसके अलावा जगाधरी महाराजा अग्रसेन चौक के पास, मुख्य बाजार, बूड़िया सहित व्यासपुर के मुख्य बाजार और शिव मंदिर के पास, साढौरा, रादौर, प्रतापनगर व छछरौली में भी सामूहिक होलिका दहन होता है।