संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लंबित मांगों के समर्थन में सोमवार को जिले में सभी सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर रहे। डॉक्टरों ने सुबह नौ बजे से लेकर 11 बजे तक दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की। दो घंटे तक मरीज ओपीडी के लिए इंतजार करते रहे। हालांकि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी व पोस्टमार्टम सेवा डॉक्टरों ने बेहाल रखी।
वहीं हड़ताल पर रहे डाॅक्टर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर टेंट लगाकर बैठे। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए रोष जताया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगे नहीं मानी तो वह 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। जिला अस्पताल में कुल 15 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। कुल मिलाकर हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने दावा किया कि जिलेभर में करीब 50 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। वहीं जिन डॉक्टरों का समय रिटायरमेंट के नजदीक है उन्होंने हड़ताल से दूरी बनाए रखे। वह रोजमर्रा की तरह अपने केबिन में मरीजों की जांच करते रहे। जिला नागरिक असपताल में इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का चेकअप किया। जिस कारण चलती रही।
कल्याण नगर के सुभाष ने बताया कि उसके पेट में दिक्कत है। उसे सर्जन को दिखाना था। वह सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल में पहुंच गया था। परंतु पर्ची कटवाने के बाद चेकअप के लिए आया तो पता चला कि डॉक्टर सीट पर नहीं है। वह दो घंटे की हड़ताल पर है। ऐसे में चेकअप के लिए दो घंटे तक लंबा इंतजार करना पड़ा।
रादौर निवासी खैराती लाल ने बताया कि उसकी तबीयत कई दिनों से खराब है। आज उपचार के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आया था। यहां उन्हें बताया गया कि डॉक्टर देरी से चेकअप करने आएंगे। आज वह दो घंटे की हड़ताल पर है। काफी देर तक डॉक्टर का इंतजार करते रहे। उन्हें हड़ताल के बारे में पहले जानकारी नहीं थी।
छोटी लाइन निवासी किशन ने बताया कि वह सुबह सवा आठ बजे ही दवाई लेने के लिए अस्पताल में आ गया था। सोचा था कि जल्दी आकर जल्दी उपचार व दवा लेकर काम पर चला जाएगा। इसके लिए काम से एक घंटे की छुट्टी ली थी। बाद में पता चला कि डॉक्टर तो अभी तक अपने केबिन में आए ही नहीं। स्टाफ ने उसे बताया कि डॉक्टर 11 बजे आएंगे।
मांगे नहीं नहीं तो 25 से हड़ताल : विपिन गोंदवाल
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि स्पेशलिस्ट कैडर लागू करने, वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर की सीधी भर्ती पर रोक लगाने, सर्विस रूल में संशोधन व केंद्र स्तर पर एसीपी वेतन वृद्धि लागू करने की मांग प्रमुख है। इनके अलावा एसीपी में देरी, चार्जशीट मामलों में की जा रही देरी से भी डॉक्टरों में रोष है। इसके अलावा पीजी के लिए बांड राशि एक करोड़ रुपये से घटाकर 50 लाख रुपये किए जाने की मांग की जा रही है। सरकार ने मांगे नहीं मानी तो 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
मरीजों को कोई परेशानी नहीं आने दी : पीएमओ
जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि डॉक्टरों की हड़ताल का मरीजों पर कोई असर नहीं होने दिया गया। ओपीडी रोजमर्रा की तरह चलती रही। कुछ डॉक्टर हड़ताल पर थे और कुछ छुट्टी पर थे। इसलिए अन्य डॉक्टरों की व्यवस्था करके ओपीडी को चालू रखा गया।
मरीजों को नहीं मिली व्हील चेयर
हड़ताल के दौरान कुछ मरीजों ने अस्पताल में व्हील चेयर न मिलने की बात कही। इसे लेकर मरीज पीएमओ से भी मिले। मरीज ने उन्हें बताया कि वह उनका मरीज तीसरे तल पर भर्ती है। वह चल नहीं सकती। इसलिए उसे व्हील चेयर पर बिठाकर शौचालय तक ले जाना है। एक घंटे से वह घूम रहा है लेकिन पूरे अस्पताल में उसे कहीं पर भी व्हील चेयर नहीं मिली। पता लगते ही पीएमओ ने तुरंत नर्सिंग ऑफिसर को व्हील चेयर की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही यह भी कहा कि एक व्हील चेयर व स्ट्रेचर हर वक्त गेट के पास होना चाहिए।