शहर को आधुनिक और सुंदर बनाने के बड़े दावों के बीच नगर निगम की महत्वाकांक्षी दिव्य नगर योजना अव्यवस्था और लापरवाही का शिकार होकर ठप पड़ी है। करीब 8.66 करोड़ रुपये की लागत से शहर की प्रमुख सड़कों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के इस प्रोजेक्ट को एक अप्रैल, 2026 तक पूरा किया जाना था। निर्धारित समयसीमा बीत गई है लेकिन अभी तक धरातल पर काम ठीक से शुरू ही नहीं हो सका है। कारण सड़कों से बिजली के खंभों का नहीं हटाया जाना है। खंभे और तार हटें तो काम शुरू किया जाए।
निगम ने इस परियोजना का वर्क ऑर्डर 26 सितंबर, 2025 को जारी किया था। कागजों में काम की शुरुआत दिसंबर, 2025 में दिखा दी गई। हकीकत में काम शुरू ही नहीं हुआ है। निगम ने इसका ठेका राम अवतार गुप्ता एजेंसी को दिया हुआ है।
फरवरी, 2026 में एक बार निगम ने शहर की सबसे व्यस्त सड़क आंबेडकर चौक से आईटीआई चौक के बीच काम शुरू किया। सड़क किनारे लगी इंटरलॉकिंग टाइलों को उखाड़ दिया गया लेकिन कुछ ही दूरी पर बीच सड़क में खड़े बिजली के खंभे निर्माण कार्य में बाधा बन गए। खंभों को हटाए बिना ही काम शुरू करने के कारण काम बीच में ही रोकना पड़ा। उखाड़ी गई टाइलों को दोबारा लगाना पड़ा।
जांच में सामने आया है कि निगम ने इस बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले वन विभाग से आवश्यक एनओसी तक नहीं ली थी। बाद में बिजली निगम को खंभे हटाने के लिए डिपोजिट राशि जमा करवा दी गई थी लेकिन खंभों को हटाया नहीं गया।
ये होना था काम -
दिव्य नगर योजना के तहत शहर की आठ किलोमीटर से लंबी छह मुख्य सड़कों का कायाकल्प किया जाना है। इसमें आईटीआई चौक से अग्रसेन चौक, अग्रसेन चौक से आंबेडकर चौक, आंबेडकर चौक से ठंडी सड़क होते हुए रेस्ट हाउस और निर्मल कुटिया से सेक्टर-13 चौक तक के मार्ग शामिल हैं। योजना के तहत इन सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ यहां साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, आधुनिक एलईडी लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जाने हैं।
प्रोजेक्ट में किए गए बदलाव
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट में भी कुछ तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। इसके बाद प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस योजना में साइकिल ट्रैक सहित अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं, जिन्हें तकनीकी रूप से संभव स्थानों पर विकसित किया जाएगा। खंभों को हटाया जाएगा।
ये है दिव्य नगर योजना-
दिव्य योजना समूह में शहरों के अंदर वाटिका, ऑक्सी-वन, पार्क, हरित स्थान, सांस्कृतिक केंद्र, खेल सुविधाएं और अन्य बुनियादी ढांचे विकसित किए जाने का प्रावधान होता है। इसमें राष्ट्रीय, ऐतिहासिक व्यक्तियों के नाम पर गेटों का निर्माण कराना भी योजना का घटक है। परियोजनाओं का निर्माण, मूल्यांकन और अनुमोदन संबंधित शहरी स्थानीय निकाय, समय-समय पर राज्य सरकार की ओर से दी गई शक्तियों के अनुसार करेगा। इसके तहत बनने वाले।
प्रोजेक्ट में कुछ अड़चन आ गई थी। प्रोजेक्ट में अब कुछ अपडेट भी किया जा रहा है। इसी वजह से इसमें देरी हुई। अब जल्द ही इसे शुरू करवाया जाएगा। छह माह के भीतर इसे गुणवत्तापूर्वक पूरा भी कराया जाएगा। -पुनीत कुमार, एसई, नगर निगम