संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 105 करोड़ रुपये की लागत से बने 200 बेड के मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की दीवारों से लगातार गिर रही टाइलें अब केवल निर्माण खामियों का मामला नहीं रह गई हैं, बल्कि सरकारी जांच और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
अस्पताल के उद्घाटन के बाद से लगातार सामने आ रही इन खामियों की जांच प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों तक ने करवाई, लेकिन दो साल बाद भी यह सार्वजनिक नहीं हो सका कि आखिर भवन निर्माण में ऐसी कौन-सी सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जिसके कारण टाइलें बार-बार उखड़कर गिर रही हैं।
ताजा मामला अस्पताल के ब्लॉक-बी का है, जहां दीवार से टाइलें गिरने की घटना सामने आई है। इससे पहले भी अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में कई बार टाइलें टूट कर और उखड़ कर नीचे गिर चुकी हैं। फरवरी 2025 में तो पांचवीं मंजिल से गिरी टाइलों की चपेट में आकर एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसके अलावा एक नर्सिंग ऑफिसर की कार और एक मोटरसाइकिल को भी भारी नुकसान पहुंच चुका है।
इन घटनाओं के बाद तत्कालीन उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी की अध्यक्षता तत्कालीन एसडीएम को सौंपी गई थी और निर्माण सामग्री के नमूने भी लिए गए थे। उम्मीद थी कि जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। लेकिन न तो रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही यह बताया गया कि जांच में क्या निष्कर्ष निकले।
अस्पताल में निर्माण संबंधी खामियों का सिलसिला केवल दीवारों की टाइलों तक सीमित नहीं है। कई बार शौचालयों की टाइलें उखड़ चुकी हैं, जबकि बरसात के दौरान छत से पानी टपकने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस बहुमंजिला भवन में इतनी जल्दी और बार-बार सामने आ रही खामियां निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं।
200 बेड के पांच मंजिला अस्पताल को बनाने पर स्वास्थ्य विभाग ने 105 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अस्पताल के निर्माण को गत 11 मई को तीन साल पूरे हुए हैं। 11 मई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन किया था। इसके बाद से निर्माण कार्य को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
कांग्रेस कर चुकी अस्पताल में प्रदर्शन
अस्पताल में गिर रही टाइलों व अन्य कमियों को लेकर गत दिनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहरी प्रधान देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में अस्पताल में प्रदर्शन किया था। देवेंद्र सिंह का कहना है कि डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों को अस्पताल में हर समय किसी न किसी हिस्से से टाइल गिरने का डर बना रहता है। अस्पताल परिसर में प्रतिदिन हजारों मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्य कर्मी आते-जाते हैं। ऐसे में यदि किसी व्यस्त समय पर बड़ी संख्या में टाइलें गिर जाएं तो बड़ा हादसा हो सकता है।
अस्पताल की दीवारों से गिरी टाइलों का मामला संज्ञान में है। मैंने खुद इसका निरीक्षण पीडब्ल्यूडी के उच्चाधिकारियों के साथ किया है। जांच के लिए गत माह सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भिजवाया जाएगा। जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। - नवीन आहूजा, एडीसी, यमुनानगर।
जिला अस्पताल में कब-कब गिरी टाइलें
- 13 मार्च 2024 को पहली बार अस्पताल के ए-ब्लॉक की बाहरी दीवारों पर लगी टाइलें अचानक भरभराकर नीचे गिर गईं। घटना के समय नीचे खड़ी एक नर्सिंग ऑफिसर की कार टाइलों की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई।
- 15 जुलाई 2024 को पांचवीं मंजिल से अस्पताल के ए और बी ब्लॉक के बीच स्थित वाटर कूलर क्षेत्र के पास टाइलें गिरी। उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
- 19 अप्रैल 2025 को टाइलें ब्लॉक ए व बी की दीवारों से तीन जगह से टाइलें गिरी हैं। टाइलें गिरने से नीचे दीवार के पास खड़ी बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई।
- 6 फरवरी 2025 को टाइल गिरने से दवा लेने आई द्वारिकापुरी निवासी महिला मीनू पर जा गिरीं। महिला को चोटें आईं और उसे उपचार देना पड़ा।
- 13 फरवरी 2025 को तीसरी मंजिल के वार्ड क्षेत्र में दीवारों की टाइलें फिर उखड़कर नीचे गिरी। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम जगाधरी सहित पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया।
- जनवरी 2026 में सिविल सर्जन कार्यालय में उनकी कुर्सी के सामने फर्श पर लगी टाइलें भी उखड़ कर बाहर आ गई थी। इतना ही नहीं सिविल सर्जन कार्यालय के ही ट्रेनिंग हॉल में लगी टाइलें तो तेज धमाके के साथ उखड़ गई थी।
- 14 मई 2026 को सिविल सर्जन कार्यालय भवन की दीवार से अचानक टाइलें गिर गईं। करीब 20 फीट हिस्से से टाइलें टूट कर नीचे आ गिरीं।
- 29 मई 2026 अस्पताल के भवन में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की ओर बनी दीवार से टाइलें गिर गईं।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की दीवार से गिरी टाइलें। संवाद