यमुनानगर। महिला एवं बाल विकास कार्यालय में तैनात जिला को-आर्डिनेटर नेहा पंवार ने ऑल आउट (मच्छर मारने की दवा) पी ली। तबीयत बिगड़ने पर स्टाफ सदस्य उसे अस्पताल ले गए, जहां उसे उपचार दिया गया। आरोप है कि जिला परियोजना अधिकारी बलजीत कौर उसे छोटी-छोटी बात पर फटकार लगाती थी और प्रताड़ित करती है। इसी से आहत होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया। इस संबंध में उसने डीसी और एडीसी को शिकायत भी दी हुई है।
यमुना विहार कॉलोनी निवासी भारत भूषण ने बताया कि वह पंचकूला में होमगार्ड है। उसकी पत्नी नेहा पंवार सेक्टर-17 स्थित महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जिला को-आर्डिनेटर (पोषण) के पद पर तैनात है। सात माह पहले पत्नी ने शिशु को जन्म दिया था, जिसके बाद वह प्रसव अवकाश पर थी। एक फरवरी को उसकी पत्नी छुट्टी से वापस आ गई थी। उसने बताया कि उसकी पत्नी नेहा को जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर काफी परेशान कर रही थी। इस बारे में उन्होंने उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त को भी शिकायत दी थी। सोमवार को इस शिकायत की जांच के लिए ही उप मंडल अधिकारी सुशील कुमार महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में आए थे। उस समय जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में नहीं थी। इसके बाद जब वह कार्यालय पहुंची तो उसने उसकी पत्नी नेहा पंवार को फटकार लगाते हुए फिर प्रताड़ित किया। इससे परेशान होकर उसकी पत्नी ने ऑल आउट पी ली। जब उसकी तबीयत खराब हुई तो आनन फानन में स्टाफ सदस्यों ने उसे निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे उपचार दिया गया।
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पोषण स्टॉफ की ली थी बैठक, नेहा को काम के लिए ही बोला था-
जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर का कहना है कि वह पांच दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को कार्यालय आई थी। इस दौरान उन्होंने पोषण स्टाफ की बैठक ली थी। बैठक में कोई ऐसी बात नहीं हुई। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। साथ ही कहा कि नेहा पंवार आफिस में कोई काम नहीं करती, इसलिए सिर्फ काम के लिए ही कहा गया था।
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सेक्टर-17 थाना प्रभारी मेम सिंह ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने के बाद वे वहां गए थे, लेकिन महिला बिना बताए ही अस्पताल से चली गई। महिला के बयान नहीं हो पाए हैं। महिला यदि किसी के खिलाफ कोई बयान या शिकायत देती है तो उसकी जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।