अनाजमंडी मुस्तफाबाद में रविवार को धान की खरीद से असंतुष्ट किसानों ने मंडी गेट पर पांच घंटे तक जाम लगाए रखा। इससे थाना छप्पर-रेलवे स्टेशन मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया।
भाकियू के मंडलाध्यक्ष बाबू राम गुंदयानी के नेतृत्व में किसान मांग करते रहे कि मौसम को देखकर उनके 19 प्रतिशत नमी वाले धान की बिना किसी कटौती के खरीद होने चाहिए, जबकि खरीद एजेंसी के अधिकारियों का कहना था कि वे सरकारी हिदायतों के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाला धान ही खरीदेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर आने के बाद रात सवा आठ जाम खोला गया।
दोपहर तीन बजे किसानों ने मंडी के गेट पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर यातायात बाधित हो गया। इसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को काफी समझाया, लेकिन उन्होंने जाम नहीं खोला। करीब चार बजे नायब तहसीलदार जगाधरी सुरेश कुमार, बीडीपीओ मुस्तफाबाद कवंरभान नरवाल, नायब तहसीलदार कृष्ण ढुल और एएफएसओ सुरेंद्र सिंह भी वहां पहुंच गए।
उसके बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मेघना तंवर भी पहुंच गई। अधिकारी किसानों को मनाने में जुटे रहे, लेकिन किसान टस से मस नहीं हुए। खरीद अधिकारियों का कहना था कि मिलर अधिक नमी वाले धान को खरीदने से मना कर दिया है, इसलिए अधिक नमी वाला धान नहीं खरीदा जाएगा। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मेघना तंवर ने किसानों को आश्वस्त किया कि धान की खरीद में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
काफी समझाने के बाद रात करीब सवा आठ बजे किसान जाम खोलने को राजी हो गए। जाम लगाने वालों में मुख्य रूप से विद्या रत्न सैनी, सुखचैन, त्रिलोचन सिंह मनका, मंगत राम, हितेष राणा, रमेश फतेहपुर, धर्मेंद्र, फूलचंद मनकी, राजेश बिट्टू तलाकौर, नरेश कूलचंदु, राजू सैनी व भाकियू के पदाधिकारी शामिल रहे।