संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। शाहबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज में सेवा संभाल को लेकर शुक्रवार को हुए विवाद के बाद गुरुद्वारा कार सेवा कपालमोचन में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसजीपीसी सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर ने की।
बैठक में कायमपुर ने कहा कि बलजीत सिंह दादूवाल की ओर से मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज में सेवा संभाल को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, वह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि दादूवाल ने सिख मर्यादा और परंपराओं की अनदेखी करते हुए कार्य किया, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सख्त निर्णय लेने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने हरियाणा की सिख संस्थाओं और धार्मिक जत्थेबंदियों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर प्रस्ताव पारित कर अकाल तख्त के जत्थेदार को भेजें, ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सिख समाज की एकता को कमजोर करती हैं। कुछ लोग निजी स्वार्थों के चलते समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने संगत से किसी के बहकावे में न आने और एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने गुरु के आदर्शों का पालन करते हुए समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी निभाने पर जोर दिया।
बलदेव सिंह ने मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज करोड़ों रुपये के बजट से संचालित हो रहा है और एसजीपीसी की ओर से यहां सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में लाजवंत सिंह, इंद्रजीत सिंह, सर्वजीत सिंह, सुखदेव सिंह, हरपाल बैंस, राजिंद्र सिंह, करनैल सिंह, छबील सिंह, कर्मजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।