स्थानीय सफायर होटल में लघु उद्योग हरियाणा की ओर से जिले के लघु उद्योग से जुड़े उद्योगपतियों के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया।
मुख्य रूप से इंडस्ट्री विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह, लघु उद्योग विभाग के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जैन और यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा मौजूद रहे।
कार्यक्रम में देवेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों को इंस्पेक्टरी राज से मुक्त होकर अपना उद्योग चलाना होगा। इसके लिए प्रदेश में रेड टेप की जगह रेड कारपेट होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए उद्योगों का विशेष योगदान चाहिए।
क्योंकि हरियाणा एक ऐसा औद्योगिक केंद्र है, जो दिल्ली और एनसीआर से जुड़ा है। इससे जो सेवाएं उद्योगपतियों को चाहिए, वे पूर्ण रूप से उपलब्ध हैं लेकिन प्रदेश में लघु उद्योगों को जितना बढ़ावा मिल सकता था, वह नहीं मिल पाया।
पीएम नरेंद्र मोदी का सपना मेक इन इंडिया व मेक इन हरियाणा को साकार करना है। यह तभी संभव होगा, जब प्रदेश में लघु उद्योग अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग व अन्य उद्योगपतियों से मिलकर उद्योग नीति 2015 का गठन किया जा रहा है।
उसी के तहत उद्योग नीति को 27 मई को वेबसाइट पर डाल दिया है। उन्होंने उद्योगपतियों से आग्रह किया गया है कि नीति को ओर बेहतर बनाने के लिए उनके पास कोई सुझाव हो तो वे पांच जून तक वेबसाइट पर दे सकते हैं। उसके बाद नई उद्योग नीति 15 जून के आसपास उद्योगपतियों के लिए लांच कर दी जाएगी।
समारोह में गुड़गांव से लघु भारतीय उद्योग के दीपक जैन ने कहा कि प्रदेश के लघु उद्योगों में युवाओं की भागीदारी तब सार्थक होगी, जब उन्हें सही दिशा-निर्देश के अनुरूप मार्गदर्शन मिले। आज प्रदेश लगभग 80 हजार करोड़ के कर्ज में दबा हुआ है और प्रदेश में करीब 2.5 करोड़ लोगों का फर्ज बनता है कि वे अपना रुझान लघु उद्योगों की तरफ लेकर जाएं।
विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने कहा कि जिला छोटे-बड़े उद्योगों से घिरा हुआ है। इसके फलस्वरूप हजारों की तादात में युवा वर्ग विभिन्न क्षेत्रों में आकर जीवनयापन कर रहा है। प्राचीन समय में पीतल, स्टील, तांबा उद्योग पूरे भारत में अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए था।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारत की हरियाणा इकाई के उपाध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज रुगंटा, संयुक्त प्रांतीय सचिव शुभादेश मित्तल, यमुनानगर इकाई के अध्यक्ष सुधीर चंद्रा, उपाध्यक्ष कपिल गुप्ता व सचिव रमन सलूजा मौजूद रहे।