संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/छछरौली। पहाड़ों पर सोमवार रात से हो रही तेज बारिश के चलते पथराला, सोम व बोली नदी में उफान पर हैं। इससे पहाड़ों के साथ लगते क्षेत्र के लोग आफत में आ गए हैं। जिले के बिलासपुर, प्रताप नगर व छछरौली ब्लॉक के 50 से ज्यादा गांवों पानी से घिर गए हैं। इन नदियों के पानी से करीब तीन हजार एकड़ फसलें डूब गई हैं। पानी का बहाव इतना तेज है कि कई रास्ते और सड़कें तक बह गई हैं। पानी ने कई पुराने पुलों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। छछरौली के मुकारमपुर डेरा गांव में भी घुस गया है। पानी से डेरा के आसपास लगभग सौ एकड़ धान व गन्ना की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। गांव में हुए नुकसान की वजह से गुस्साए ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग व प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्रामीण हाजी अब्बुल हसन, मेहंदी हसन, लियाकत अली, बारिक पूर्व सरपंच, हाजी तोइयब हसन, सुल्तान, सुलेमान, दिलशाद, इरशाद, ताहिर,अलीशेर, हाशिम, जामदीन, जाहिद हसन, रहीश, रोशन आदि का कहना है कि हर साल बरसात में गांव में नदी का पानी घुसकर तबाही मचाता है। इससे घरों व फसलों में बहुत नुकसान होता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह से नदी का पानी गांव में घुसता है, उसके सामने सिंचाई विभाग ने दूसरी साइड पटरी का निर्माण कर पानी की धारा को मुकारमपुर डेरा की तरफ कर दिया है। जब से दूसरी साइड यह पटरी बांधी है, तब से ही हर साल बरसात में नदी का पानी गांव में घुस तबाही मचा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वह पिछले पांच साल से मुकारमपुर डेरा की तरफ से गुहार लगा रहे हैं कि उनकी सुरक्षा के लिए नदी के किनारे पर बाढ़ बचाव कार्य किया जाए। इसके बाद भी अभी तक प्रशासन ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की है और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि मुकारमपुर डेरा के सामने बाढ़ बचाव राहत कार्य करवाया जाए ताकि ग्रामीणों की फसल बर्बाद होने से बच जाए।
कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। भारी बारिश से दर्जनों गांव की सैकड़ों एकड़ फसलें प्रभावित हो गई है। वहीं कई गांवों में दर्जनों घर पानी में डूब गए। क्षेत्र की कई सड़कों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह से कट गया। एसडीएम बिलासपुर जसपाल गिल और तहसीलदार ने क्षेत्र का दौरा किया।
बिलासपुर से खिजराबाद रोड पर हाफिजपुर के पास चार पुलिया बंद होने से लगभग आधा दर्जन गांवों में पानी घुस गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने जेसीबी मशीन से रास्ता खुलवाया तब जाकर पानी निकला। सीजन की पहली बारिश ने ही प्रशासन के सभी दावों की पोल खोल कर रख दी है। गांव की सड़कें जलमग्न हो गई है। ग्रामीण सतविंदर सिंह, जरनैल सिंह,जसबीर सिंह,गुरजीत सिंह, बलकार सिंह आदि का कहना है कि बरसात के सीजन से पहले जिला प्रशासन की तरफ से बाढ़ से बचाने के लिए बैठकों का आयोजन किया जाता है लेकिन बारिश आने पर कोई हल नहीं निकलता।
बारिश से सोम नदी व अन्य छोटी नदियों में आए उफान से मलिकपुर बांगर, सलेमपुर खादर, हडोली, तिहानों, लेदी, लोपों, तुगलपुर, रायपुर डमौली, हाफिजपुर, हाफिजी, कडकौली, बांबेपुर, नागल पट्टी, अराइयांवाला, खिजरी खिलांवाला, बनिया वाला आदि दर्जनों गांव में पानी घुस गया। छछरौली से डारपुर रोड पर तिहानो, हडोली, सलेमपुर, हाफिजपुर, मुजाफतकलां, बांबेपुर, टिब्बी अराइयां, नागलपट्टी, अराइयां वाला आदि जगहों पर सड़कों पर पानी जमा हो गया।बक्करवाला के सरकारी स्कूलों की दीवार ढह गई। बक्करवाला में कम्युनिटी सेंटर की भी दीवार ढह गई और उप स्वास्थ्य केंद्र में पानी घुस गया। बांबेपुर के सरकारी स्कूल में पानी घुसने से वहां पर रखा सामान खराब हो गया। नग्गलपट्टी की ड्रेन टूटने से गांव में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया।
बॉक्सबरौली माजरा में सिंचाई विभाग की पटरी टूटी
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प्रतापनगर। नदी में आए तेज उफान से बरौली माजरा के पास लगी सिंचाई विभाग की पटरी टूट गई। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। बांबेपुर के आधा दर्जन घरों में पानी घुस गया। वही हाफिजपुर में 4 पुलियों बंद होने की वजह से गांव में पानी घुस गया। एसडीएम बिलासपुर व अन्य कर्मचारियों ने मौका मुआयना किया।
ग्रामीण बलकार सिंह, असलम ठेकेदार,मुस्तकीम, फुरकान, हनीफ, शराफत, हसन, दिलशाद, भूरा, जाकिर आदि का कहना है कि पानी निकासी का इंतजाम न होने की वजह से दर्जनों गांवों में पानी घुस गया। फसलें बर्बाद हो गई। कई जगहों पर लोगों ने अवैध कालोनियां, प्लाट काटकर उनमें मिट्टी भर दी। ऐसे में पानी निकासी नहीं होने की वजह से पानी गांव में घुस गया। हाफिजपुर गांव में बारिश के पानी को 8 घंटे बाद भी नहीं निकाला गया। हालांकि मौका पर प्रशासन जेसीबी से नाला खोदवाया गया। नायब तहसीलदार सुरेंद्र भारद्वाज का कहना है कि उनको सूचना मिली थी कि हाफिजपुर में कुछ लोगों ने पुलिया बंद कर रखी है। जेसीबी मंगवा कर पुलियाको खुलवाया गया।
सोमनदी में आया उफान
बिलासपुर। घाड़ क्षेत्र के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से सोमनदी में अचानक उफान आ गया। सोम के उफान पर आने से नदी के आसपास स्थित गांवों के किसानों को अपनी गन्ने, धान व पशुओं के चारे की फसल की चिंता सताने लगी है। सोमनदी के उफान से आसपास लगते गांवों में ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गांव सुंदरपुर, रणजीतपुर, मुगलवाली, कार्टरवाली, बनकट, मुजाफ्त, भमनौली सहित अनेक गांवों के खेतों में सोमनदी के उफान का पानी प्रवेश कर तबाही मचा सकता है। ग्रामीण राम कुमार, राम जतन, दलीप कुमार, इरफान खान का कहना है कि रणजीपुर पुल के समीप बनी पटड़ी के समीप अवैध रूप से खनन किया गया है। इससे पानी के बहाव को रोकने के लिए गांव की हरिजन बस्ती की ओर बनी पटड़ी कभी भी टूट कर तबाही मचा सकती है। इसके साथ गांव मुजाफ्त, सुंदरपुर, कार्टरवाली में भी नदी के उफान का पानी किसानों की फसलों को तबाह कर सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकतर गांवों में पानी निकासी के लिए बनाई गई पुलिया व अन्य रास्तों को लोगों ने बंद कर दिया है। इससे पानी का बहाव गांव और खेतों की ओर हो जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचता है। बिलासपुर प्रतापनगर मार्ग पर सड़क के दोनों ओर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण गांव तुगलपुर, कडकौली, हाफिजपुर, लाहसाबाद सहित आसपास के गांवों के किसानों की गन्ने व धान की फसल पानी में पूरी से डूब गई।
बिलासपुर के एसडीएम जसपाल गिल का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों के साथ बिलासपुर, छछरौली और प्रतापनगर क्षेत्र का निरीक्षण किया है। कुछ जगहों पर पानी का रास्ता रुका हुआ मिला। जिसे जेसीबी की मदद से खुलवा दिया गया। इस क्षेत्र में पहाड़ों पर होने वाली बारिश का पानी तेज गति से पहुंचता है, जिससे बरसाती नाले और नदी उफान पर आ जाती है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं। मंगलवार देर शाम तक पानी उतरना शुरू हो गया है। ग्रामीण भी अलर्ट हैं और उन्होंने भी अपनी तैयारी कर रखी है।