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Yamuna Nagar News: यमुना में सीधे छोड़ा जा रहा नालों का गंदा पानी, श्रद्धालुओं में रोष

Sun, 20 Sep 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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आजाद नगर गली नंबर-14 से यमुना में नाले से गिरता गंदा पानी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। शहर में गणपति उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है और बप्पा की विदाई में भी एक सप्ताह से भी कम समय शेष है। गणेश चतुर्दशी पर शहर सहित जिले के तमाम आयोजक संस्थाएं व श्रद्धालु बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन करने पश्चिमी यमुना नहर पर पहुंचेंगे। वहीं यमुना नदी में छोड़े जा रहे नालों के गंदे पानी से श्रद्धालुओं में रोष है।
पश्चिमी यमुना नहर में शहर के सीवरेज का पानी बिना शोधन छोड़ा जा रहा है। जिस पंपिंग स्टेशन व पाइपलाइन पर गंदे पानी को नहर में जाने से रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के सामने से पाइप से नहर में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। नियमानुसार पंपिंग स्टेशन से एसटीपी तक नालों व सीवर का पानी पंप होना चाहिए, परंतु इसके ठीक सामने पाइप से नहर में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है।
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शुक्रवार को दिशा की बैठक में सांसद नवीन जिंदल ने यमुना में छोड़े जा रहे नालों की हकीकत अधिकारियों के सामने रखी। हालांकि अधिकारी इस पर पर्दा डालते नजर आए, लेकिन यमुना में गंदा पानी गिरना बेहद चिंता का विषय है। शहरी क्षेत्र में छह स्थानों पर नालों का पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है।
शहर के पुराना हमीदा हेड, कुरुक्षेत्र-सहारनपुर मार्ग, पंपिंग स्टेशन, आजाद नगर गली नंबर-14, शांति कॉलोनी, फतेहपुर, अमादलपुर व बूड़िया में हैं। आजाद नगर निवासी रोहित कुमार, राजन, हेमंत, दशमेश कॉलोनी के सतिंद्र, राजकुमार ने बताया कि काफी समय से वे नालों का पानी यमुना में गिरते देख रहे हैं।
प्रतिदिन हजारों लीटर गंदा पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए यमुना मैया को विषैला कर रहे हैं। यमुना मैया कई जीवों की शरणस्थली है। इससे जलीय जीवों को भी नुकसान हो रहा है। विभाग को इस पर अंकुश लगाना चाहिए।
घाटों पर जुटेगी भीड़
शहर में करीब 250 पंडालों में बड़ी गणपति मूर्तियां स्थापित हैं। इसके अलावा हजारों घरों में भी छोटी-बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इनका विसर्जन श्रद्धालु श्रद्धा व पारिवारिक परंपरा के अनुसार पांच, सात या आखिरी दिन करेंगे। इस बार अनंत चतुर्दशी पर 25 सितंबर को विसर्जन के लिए यमुना घाटों पर भीड़ जुटेगी। वहीं, सातवें दिन श्रद्धालु विसर्जन के लिए पहुंचेंगे, जहां हजारों श्रद्धालु यमुना में प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे। ऐसे में प्रदूषित पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
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विभाग के यमुना नहर में गिर रहे अधिकांश नाले बंद कर दिए गए हैं। जिन स्थानों पर नालों का पानी गिर रहा है उसके लिए अधिकारियों की टीम बनाकर निरीक्षण किया जा रहा है। तीन दिन में सभी नाले बंद कर दिए जाएंगे। - दिनेश गाबा, एक्सईएन, जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग।
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