संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक तरफ प्रशासन अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर की कालोनियों में बने पार्क गंदगी से अटे पड़े हैं। इसकी बानगी है रामपुरा कालोनी स्थित राम पार्क। गंदगी के कारण यहां सैर करने लोग और खेलने वाले बच्चे स्वस्थ होने के बजाए बीमार हो रहे हैं। गंदगी के कारण मक्खी, मच्छर ही नहीं अन्य विषैले कीटों की भरमार हो गई है। भीषण दुर्गंध के कारण लोगों ने यहां से आना बंद कर दिया है।
कालोनी निवासी अमित शर्मा, स्वीटी, लक्ष्य दत्ता, तरुण नंदा, विनोद शर्मा, इंद्रराज, मोंटी राजा का कहना है कि स्थानीय लोग राम पार्क में सुबह और शाम को टहलने आते हैं। वहीं बच्चे पार्क में खेलते हैं। पार्क में गंदगी फैली होने के कारण अब यहां कोई जाना पसंद नहीं करता। पार्क में पौधों की देखरेख के लिए माली है। गंदगी के कारण वह भी काम नहीं कर पा रहा है। पार्क के माली सुनील सिंह ने बताया कि वह पौधों की देखरेख करता है, यहां से निकलने वाला वेस्ट का निस्तारण करना सफाई कर्मियों का काम है।
कालोनी के निवासियोें ने बताया कि राम पार्क में काफी मात्रा में घास-फूस व खरपतवार उग गई है। कई बार आंधी और तूफान के कारण भी यहां कचरा उड़कर आ गया है, जो यहीं पड़ा है। कचरा बारिश से गीला होकर सड़ रहा है, जिससे भीषण बदबू उठ रही है। इस पर नगर निगम के कर्मचारियों का कोई ध्यान नहीं है। पार्क में सिर्फ एक लाइट है, जिससे पूरे पार्क में रोशनी नहीं होती। शाम के समय यहां अंधेरा छाया रहता है। पार्क के झूलों के चारों तरफ लंबी घास उगी हुई है। मच्छर के साथ अन्य विषैले कीट होने के कारण बच्चों को यहां भेजने से लोग डरते हैं। कालोनी वासियों की मांग है कि निगम अधिकारी इस ओर ध्यान दें।
पार्कों की देखरेख के लिए स्टाफ की कमी नहीं है। लॉकडाउन और उसके बाद तूफान व बारिश से कई पार्कों गंदगी हो गई है। सफाई कराई जा रही है। जल्द ही शहर के सभी पार्क पहले की तरह स्वच्छ होंगे। मदन चौहान, मेयर यमुनानगर