संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खंड छछरौली के मुकारबपुर गांव में एक सप्ताह से डायरिया फैला है। इंसानों के साथ पशु भी डायरिया की चपेट में आ गए हैं। गांव में दर्जनों की संख्या में पशुओं को दस्त हो रहे हैं। वहीं गांव में डायरिया की चपेट में आए कुछ लोगों को शनिवार को अस्पताल में रेफर किया गया। ज्यादातर लोगों का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। आराम आने के बाद लोग फिर से बीमार हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को गांव में जाकर पेयजल लाइन से पानी के नौ सैंपल लिए थे। शनिवार तक इनकी रिपोर्ट नहीं आई। पानी के इन सैंपल में यह देखना था कि इसमें बैक्टीरिया तो नहीं पनप रहा। शनिवार को अस्पताल में छुट्टी होती है। जांच करने वाले डॉक्टरों ने पानी के सैंपल जांचने के बजाय छुट्टी पर जाना मुनासिब समझा।
पानी के इन सैंपल की रिपोर्ट 72 घंटे में आ जानी चाहिए थी। शनिवार पानी की लाइन से एक बार फिर चार सैंपल लिए गए। जिनकी ओटी किट से जांच की गई। जांच में चारों सैंपल पॉजिटिव आए हैं, जो ग्रामीणों के लिए राहत की बात है। गांव में दौलतपुर रोड पर हरबंस सिंह के घर के सामने पेयजल की पाइप लाइन को खोल कर चलाया गया तो उसमें से सारा पानी गंदा निकला।
गांव के वार्ड छह के पंचायत सदस्य शौकीन, ग्रामीण नूर मोहम्मद, सर्वजीत सिंह, फकीर चंद, सलामू, रेशमदीन ने बताया कि गांव में करीब 500 पशु हैं। एक-एक घर में चार से पांच पशु हैं। जिस पानी को ग्रामीण पी रहे थे, उसी को वह पशुओं को भी पिला रहे थे। कई दिनों से पशु गोबर काफी पतला कर रहे थे।
उन्होंने सोचा की हरा चारा खिलाने की वजह से ऐसा हो रहा होगा। परंतु एक के बाद एक कई पशुओं में यही बीमारी देखने को मिली। वह बाजार से लाकर दवा पशुओं को खिला चुके हैं, लेकिन कोई आराम नहीं लगा। जो पशु एक साल से कम उम्र के हैं उनकी हालत ज्यादा खराब है।
चार दिन से आईसीयू में गुरजीत कौर
गांव के ही सर्वजीत सिंह की पत्नी गुरजीत कौर चार दिन से यमुनानगर के संतोष अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। इस्लामुदीन उल्टी, दस्त से पीड़ित हैं। कमजोरी के कारण उठना भी मुश्किल हो रहा है। पंच शौकीन के घर में खुरशैदा, कस्तूरी, रिजवाना, इसरार, अखिल व अशद समेत छह लोग बीमार हैं। इसी तरह साजिद के अलावा उसकी पत्नी सुलताना, बेटा आयान व खुशनुमा, सोहिल बीमार हैं।
गांव की उलफत व उसके पति कामिल को आराम नहीं हुआ तो उसे ग्लूकोज चढ़वाने के लिए कोट पीएचसी में भेजा गया। दर्शन सिंह, रोहित कुमार व उमरदीन भी पीएचसी में ही भर्ती हैं। उधर गांव का ही राजेश अपनी पत्नी व मां को लेदी के निजी अस्पताल में भर्ती कराने ले गया था। इसी दौरान चोरों ने उसकी बाइक को चोरी कर लिया।
टीम ने की 25 लोगों की जांच
सीएचसी प्रतापनगर के एसएमओ डॉ. जितेंद्र के नेतृत्व में शनिवार को डॉ. गौवर, डॉ. शिफा, सीएचओ सुनील, हेल्थ सुपरवाइजर मनजीत सिंह, एएनएम विमला, फार्मासिस्ट तरूण, आशा वर्कर परमजीत कौर, गीता व रानी देवी ने गांव के 25 लोगों की जांच कर उन्हें दवाई दी।
गांव के लोग कर रहे मुफ्त पानी की सेवा
मुकारबपुर गांव में फैले डायरिया के बीच कुछ ग्रामीण बिना किसी स्वार्थ के गांव में पेयजल की सेवा कर रहे हैं। गांव में के भूरादीन व उनका लकड़ा शौकीन अपने ट्रैक्टर से रोजाना मंगलसिंह चुहड़पुर गांव से पानी का टैंकर लेकर आ रहे हैँ। दिन में कई-कई टैंकर पानी के लेकर आ रहे हैं। इसी तरह डाकवाला गांव के डॉ. राजिंद्र भी गांव में टैंकर से पानी की सप्लाई करवा रहे हैं। जब तक पाइप लाइन पूरी तरह से साफ नहीं हो जाती तब तक गांव में ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई नहीं की जाएगी।
अब स्थिति नियंत्रण में : एसएमओ
एसएमओ डॉ. जितेंद्र का कहना है कि मुकारबपुर गांव में अब स्थिति नियंत्रण में है। काफी लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में ही है। लोगों की जांच कर उन पर नजर रखी जा रही है।
डॉक्टर पशुओं की जांच कर रहे हैं : डॉ. सतबीर
पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. सतबीर धानिया ने बताया कि पशुओं में डायरिया फैलने की सूचना आई थी। डॉक्टरों की टीम गांव भेजी गई है। पशुओं के गोबर व रक्त के सैंपल लिए जा रहे हैं।