संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। नेशनल हाईवे 73ए पर बने ढाबा संचालकों ने सड़क किनारे लगे पेड़ काटकर रास्ते बना रखे हैं। जहां-जहां ढाबे बने हुए हैं, वहां से वन विभाग के पेड़ गायब हैं। संचालकों ने ढाबों पर रास्ता बनाने के लिए पेड़ गायब कर दिए हैं। वन विभाग ऐसे मामलों की जांच करने की तैयारी कर रहा है।
नेशनल हाईवे ताजेवाला, फैजपुर व कलेसर तक दर्जनों ढाबे व दुकानें हैं। यहां बने ढाबा निर्माण से पहले सड़क किनारे कीमती पेड़ लगे हुए थे, जो अब गायब हैं। ढाबा संचालकों ने अपने फायदे के लिए लाखों रुपये के पेड़ काटने के साथ अवैध रूप से गायब कर दिए हैं। ताजेवाला से फैजपुर, कलेसर तक बने ढाबों के सामने सैकड़ों पेड़ गायब हैं। पहले यहां पर पेड़ थे, लेकिन ढ़ाबे बनने के बाद धीरे धीरे यहां से पेड़ गायब होने लगे। अब इन पेड़ के स्थान पर रास्ता बनाया गया है।
इस बारे में वन विभाग के डीएफओ वीरेंद्र सिंह गिल ने कहा कि सड़क किनारे ढाबा संचालकों व दुकानदारों या अन्य किसी व्यक्ति ने अपना रास्ता बनाने के लिए सरकारी पेड़ों की कटाई की है तो जांच की जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। यदि इसमें किसी कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।