संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में मेडिकल के नाम पर लोगों से रिश्वत लेने के आरोपी में स्वीपर दसौरा निवासी गौरव व उसके साथ सलेमपुर निवासी जगदेव की सहयोगी डाटा एंट्री ऑपरेटर सीमा को भी गिरफ्तार कर लिया। वह मेडिकल के लिए आने वाले लोगों के दस्तावेज अपलोड कर सर्टिफिकेट निकालती थी। पुलिस ने सीमा को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने गौरव के खिलाफ मामला अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला की शिकायत पर दर्ज किया था। उन्होंने शिकायत में कहा था कि उन्हें बूड़िया निवासी इमरान ने शिकायत दी थी कि उसके दिव्यांग भाई नदीम का अभी तक आधार कार्ड नहीं बना था। इससे उसका दिव्यांगता का प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा था।
वह दिव्यांग प्रमाण त्र बनवाने के लिए जुलाई माह में मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आया था। उसे अस्पताल का स्वीपर गौरव मिला। गौरव अस्पताल में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगा हुआ है। गौरव ने उसे बताया कि वह उसके भाई का आधार कार्ड व दिव्यांगता का प्रमाण पत्र बनवा देगा। इसकी एवज में उसने 30 जुलाई को 8050 रुपये ले लिए। उसने इसका वीडियो भी बनाया था।
इमरान ने आरोप लगाया था कि गौरव ने रुपये लेकर भी नदीम का आधार कार्ड व दिव्यांगता का प्रमाण त्र नहीं बनवाया। इसके अलावा गौरव ने दो अन्य लोगों से मेडिकल कराने के नाम पर 8050 रुपये और 1200 रुपये लिए थे। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच करते हुए पुलिस ने गौरव के साथी जगदेव को भी पकड़ लिया। उन्होंने पुलिस को बताया था कि सीमा भी उनके साथ मिली हुई है। इस पर पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया।