संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कई दिनों से लगातार पड़ रहे घने कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा रखी है। मंगलवार सुबह जिलेभर में इतना घना कोहरा था कि कुछ दूरी पर भी ठीक से साफ दिखाई नहीं दे रहा था। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। पेड़ों के पत्तों से ओस ऐसे टपकती रही मानों बारिश हो रही हो। इससे सड़कें पर गीली नजर आईं।
हालांकि पूर्वाह्न11 बजे तक कोहरा छंटने और तेज धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। लोगों ने पार्कों, घर के आंगन, छत व गली में बैठ कर धूप का आनंद लिया। मौसम विभाग ने 22 व 23 जनवरी को कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई है। यह कोहरा गेहूं के लिए लाभकारी माना जा रहा है। वहीं दो दिनों से रात के समय मौसम में थोड़ी गरमाहट महसूस की जा रही है। जिससे सर्दी का एहसास कम हो रहा है। सोमवार रात को मौसम साफ था, लेकिन अल सुबह घना कोहरा छाने से चारों तरफ सफेद चादर से ढक गया। सड़कों पर चलने वाले वाहन चालक हादसे के डर से हेड लाइट जलाकर चलते रहे। मंगलवार को 11 बजे के बाद धीरे-धीरे सूरज की किरणें तेज होती गई। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार रात का तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस तथा मंगलवार को दिन का तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। काॅलेजों में छात्र-छात्राएं कक्षाओं में पढ़ाई के बाद ग्राउंड में बैठ कर धूप में बैठे नजर आए।
वहीं ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों व बुजुर्गों पर देखा जा रहा है। जहां बच्चों में खासी, जुकाम, बुखार फैल रहा है, वहीं बुजुर्गों में खासी, दमा व पेट के रोग बढ़ रहे हैं। मंगलवार को अस्पतालों में बच्चों के साथ ही बुजुर्गो की भीड़ रही। लोग अपना इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे। जिला नागरिक अस्पताल के डॉक्टर सचिन का कहना है कि ठंड से बच्चों को बचाने की जरूरत है।
उन्हें जूते, मोजे व गर्म कपड़ों से लैस रखा जाए। स्नान करते समय अधिक देर तक बिना कपड़ों के न रहे। स्नान करने के बाद तुरंत कपड़े पहनना चाहिए। सफर करते समय दस्ताना व मफलर पहनकर चलना चाहिए।