संवाद न्यूज एजेंसी
जठलाना। मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से गांव बरसान में सद्भावना संत सम्मेलन कराया गया। इसमें हंस ज्योति मंदिर जगाधरी की प्रभारी महात्मा सुबोधिनी, महात्मा रत्नावली, महात्मा वंदना ने प्रवचनों व भजनों से भक्तों को भाव-विभोर किया। महात्मा सुबोधिनी ने बताया कि भक्ति सब सुखों की खान है, पर बिना सत्संग के प्राणी उस भक्ति को नहीं पा सकता।
भक्ति जिसके हृदय में बसती है, उसको स्वप्न में भी लवलेश मात्र भी दुख नहीं होता। राम भक्ति जो परम प्रकाश है, वह सब के हृदय के अंदर है। सत्संग का प्रभाव ऐसा है कि जिसका फल तत्काल मिलता है। महात्मा वंदना ने भी अपने प्रवचनों व भजनों से भक्तों को मंत्रमुक्त किया।
प्रेस सचिव पवन गोयल ने बताया कि छह अप्रैल को समिति पूरे भारत में मातृ दिवस समारोह मना रही है। इस दिन समिति के सभी आश्रमों व सभी शाखों में सत्संग, भंडारे व सामाजिक कार्य किए जाएंगे। छह अप्रैल को माता राजेश्वरी देवी की जयंती है। माता राजेश्वरी देवी सतपाल महाराज की माता जी थी। सत्संग में मुख्य रूप से प्रधान अजब सिंह, नौरती राम, राहुल चौधरी, सुशील कुमार, अमित भारती, मास्टर कृष्ण जी, लालचंद, प्रेमपाल, रमेश, मामचंद्र, सोना, सुनीता, स्नेह लता मौजूद रहे।