संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। खंड के गांव छलौर के प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में स्वामी संतोषानंद सरस्वती महाराज के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भव्य तरीके से मनाया गया। मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर नजर आया। नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोषों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
कथा के छठे दिन कथा वाचक स्वामी अनंत गिरी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का अत्यंत भावपूर्ण और संगीतमय प्रसंग सुनाया। उन्होंने कारागार में वासुदेव और देवकी के यहां भगवान के अवतरण, कंस के अत्याचारों, योगमाया के प्राकट्य तथा वासुदेव द्वारा बालकृष्ण को गोकुल पहुंचाने की कथा को सरल एवं रोचक शैली में प्रस्तुत किया।
भजनों और कीर्तन के माध्यम से जब श्रीकृष्ण जन्म का वर्णन किया गया तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बाल गोपाल को पालने में विराजमान किया गया, जिसे फूलों और रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती कर पुष्प वर्षा की। महिलाओं ने मंगल गीत गाए, युवाओं और बच्चों ने भजनों पर नृत्य किया।
अनंत गिरी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्म, धर्म और भक्ति का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण केवल एक ऐतिहासिक या पौराणिक चरित्र नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सफल और सार्थक बना सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
संतोषानंद ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। कथा के समापन के पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया। कथा में शिवदत्त कांबोज, रविंद्र कश्यप, मदनपाल, पूर्व सरपंच मांगेराम, राजकुमार पूर्व सरपंच, राजबीर, जयप्रकाश कांबोज, शिव कुमार ने सहयोग किया।
कथा सुनाते संतोषानंद सरस्वती। आयोजक