संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। प्राचीन शिवमंदिर अंधेरिया बाग में चल रही श्री रामचरितमानस कथा के तीसरे दिन कथा व्यास शशि प्रभा ने शिव विवाह का प्रसंग सुनाया। यह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
शशि प्रभा ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि भगवान शिव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। भगवान शिव का शृंगार बहुत भयानक तरीके से किया गया था। वह इतने भयानक लग रहे थे कि मैना रानी बेहोश होकर गिर गई। बहुत समझाने पर ही भगवान शिव ने अपना रूप हजारों इंद्रों से भी सुंदर बना लिया। तब भगवान शिव ने कहा कि बाहरी सुंदरता से कोई लाभ नहीं होता बल्कि अंदर से सुंदर होना चाहिए।
मन की सुंदरता ही महान बनाती है। इसी तरह भगवान रामचंद्र जी भी मन से बहुत कृपालु, दुखभंजन व सभी को आदर सम्मान देने वाले थे। सभी को उनके जीवन से ज्ञान लेकर विवाह में फिजूल खर्च नहीं करना चाहिए। भोजन को व्यर्थ न करके गरीबों को खिलाना चाहिए। इस मौके पर महंत यमुना गिरी महाराज, इंदु शर्मा, राजेश शास्त्री, एनके शर्मा, मुख्य यजमान विनोद वर्मा, उमेश, सतीश गोयल आदि मौजूद रहे।