संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। श्री खेड़ा व्यास मंदिर समिति बिलासपुर व कस्बावासियों की ओर से खेड़ा मंदिर लंगर हाॅल में श्रीमद्भावगत कथा ज्ञान यज्ञ से पूर्व कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कलश यात्रा खेड़ा मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार से होते हुए विभिन्न गलियों से होकर मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। इस दौरान जयकारे गूंजते रहे।
मुख्य जजमान के रूप में सरपंच कीर्ति खुराना, किशोर खुराना, पंकुश खुराना ने पूजा अर्चना की। समिति के प्रधान अनिल कक्कड़, सरपंच प्रतिनिधि पंकुश खुराना सहित समिति सदस्य सिर पर कथा पुराण उठाए आगे-आगे चल रहे थे। कलश यात्रा में पीताम्बर वस्त्र धारण किए गए महिला पुरुष मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रहे। जगह-जगह लोगों ने कलश यात्रा का स्वागत किया। बैंड बाजों की धार्मिक धुनों पर श्रद्धालु प्रभु के नाम का सिमरन कर झूम रहे थे।
समिति के सेवक रवि भूषण ने बताया कि कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 22 से 28 सितंबर तक किया जाएगा। कथावाचक हरिशरण दास ने कहा कि श्रीराम के नाम स्मरण करने से सब पाप दूर हो जाते है। हमें अपने मन के अंदर हमेशा राम का नाम जपना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है।
भागवत कथा सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक उर्जा से सशक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें। श्रीमद् भागवत कथा के श्रावण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है।
श्रीमद्भागवत कथा आज के युग में अमृत समान है। कलयुग में केवल प्रभु नाम ही कल्याण का आधार है। प्रभु नाम का जाप जाने अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति प्रदान करता है। कलश यात्रा में समिति के प्रधान अनिल कक्कड, राकेश बेदी, अशोक धीमान, संदीप, रविंद्र गोयल, राजी, रणजीत सैनी, अमित कुमार, नरेश वर्मा, अशोक केसरी आदि मौजूद रहे।