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Yamuna Nagar News: पंडालों में उमड़े भक्त, गूंजा गणपति बप्पा का जयघोष

Sat, 06 Sep 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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प​श्चिमी यमुना घाट पर विसर्जन से पूर्व आरती करते श्रद्धालु। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। दस दिन से चल रहा गणपति महोत्सव शनिवार को संपन्न होने जा रहा है। भाद्रपद की चतुर्थी से चतुर्दशी तक चलने वाले इस महापर्व का समापन धूमधाम से आज किया जाएगा। शुक्रवार को गणपति पूजन का अंतिम दिन रहा। ऐसे में अंतिम दिन शहर सहित जिलेभर के पंडालों, मंदिरों व अन्य स्थानों पर हो रहे सार्वजनिक गणपति पूजन महोत्सव में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
भक्तों ने भगवान गणपति की पूजा की और उनके सम्मुख दस दिन पूजन के दौरान हुई त्रुटियों व गलतियों के लिए क्षमा मांगी। भक्तों ने बप्पा से अगले बरस फिर आने का वचन लिया। इस दौरान भक्तों की आंखें नम दिखाई दी। वहीं कुछ भक्तों ने शुक्रवार को पश्चिमी यमुना घाट पर गणपति प्रतिमा का विसर्जन किया।
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शनिवार को गणपति बप्पा को विदाई देने के साथ गणपति महोत्सव संपन्न हो जाएगा। शुक्रवार को अंतिम दिन पूजन को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। अंतिम दिन होने के कारण तमाम पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ रही। मंदिरों में भी सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा। सबसे ज्यादा भीड़ शाम को शहर के मुख्य व बड़े पंडालों में देखने को मिली।
इसके चलते शाम को बाजार में खूब रौनक व सड़कों पर भारी भीड़ देखने को मिली। भीड़ के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी। जाम गणपति पूजन के उत्साह के कारण था, ऐसे में किसी को इससे परेशानी नहीं हुई। शाम को आरती के दौरान भगवान गणपति के दर्शन की भक्तों में होड़ दिखी।
भक्तों ने गणपति बप्पा की प्रतिमा के सम्मुख प्रार्थना की। परिवार के मंगल का वरदान और अपनी त्रुटियों के लिए क्षमा मांगी। वहीं, इस दौरान भक्तों ने अगले बरस भी बप्पा को आमंत्रित करने का सामर्थ्य व आशीर्वाद देने की प्रार्थना की। जो भक्त घरों पर पूजन नहीं कर सके, उन्होंने अगले वर्ष निज स्थान पर आयोजन करवाने का बप्पा से आशीर्वाद मांगा।
वहीं दूसरी तरफ दस दिन बाद बप्पा की विदाई का समय निकट होने से भक्तों की आंखें नम दिखाई दी। नम आंखों से भक्तों ने बप्पा से प्रार्थना की और आजीवन उनकी सेवा करने का आशीष मांगा। इस दौरान अंतिम दिन पूजन में विशेष कार्यक्रम करवाए गए। शाम से देर रात पंडालों में भजन संकीर्तन के कार्यक्रम चलते रहे। गायकों ने भजनों से गणपति बप्पा की महिमा का गुणगान किया। शाम को पंडालों में विभिन्न तरह के पकवान व व्यंजन प्रसाद में वितरित किए गए।
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अनंत चतुर्दशी पर होता है समापन
इस महापर्व का शुभारंभ भाद्रपद की चतुर्थी पर होता है और समापन चतुर्दशी को किया जाता है। दस दिन चलने वाले इस महोत्सव में भक्तभगवान गणपति को अपने घर, प्रतिष्ठानों, कार्यालयों व अन्य पूजन स्थलों पर आमंत्रित करते हैं। चतुर्थी के दिन भगवान की प्रतिमा की मंत्रोच्चार के साथ स्थापित की जाती है। दस दिन भक्त भगवान गणपति का पूजन करते हैं। भक्त भगवान गणेश को अपना अतिथि मानते हैं और उनकी पूजन, सेवा व आदर सत्कार करते हैं। वहीं 11वें दिन चतुर्दशी के दिन नदी, नहर, तालाब, पोखर सहित अन्य बड़े जलाशयों में प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।

पश्चिमी यमुना घाट पर विसर्जन से पूर्व आरती करते श्रद्धालु। संवाद

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