संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सावन के दूसरे सोमवार को जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भाटली के प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर, दयालगढ़ के पातालेश्वर शिव मंदिर और कलेसर के महादेव मठ में सुबह से ही श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजते रहे। भाटली स्थित प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी मंदिर पहुंचे। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर में भंडारे और कीर्तन का आयोजन किया गया। महिलाओं ने शिव भजनों पर नृत्य कर भक्ति भाव प्रकट किया।
पुजारी नरेंद्र शास्त्री ने बताया कि भाटली का स्वयंभू शिव मंदिर प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल है। मान्यता है कि यहां शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था।
दयालगढ़ के पातालेश्वर शिव मंदिर को सावन के दूसरे सोमवार के लिए विशेष रूप से सजाया गया। मंदिर के प्रधान डॉ. जनार्दन शर्मा, डॉ. सुधीर शर्मा, आशीष शर्मा, संजय शर्मा, डॉ. सुशील शर्मा, नरेंद्र गर्ग और मास्टर शशि कुमार मंगला ने बताया कि सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में भंडारे और कीर्तन का आयोजन किया गया।
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कलेसर के महादेव मठ में सुबह मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ही देर में मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जुट गई। मंदिर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। सावन के सोमवार के चलते आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।
भाटली के स्वयंभू प्राचीन शिव मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
भाटली के स्वयंभू प्राचीन शिव मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
भाटली के स्वयंभू प्राचीन शिव मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद