संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के लिए जरूरी लाखों रुपये के काम ई-निविदा प्रक्रिया में लटक गए हैं। क्योंकि विकास कार्यों के लिए नगर निगम को ठेकेदार व एजेंसियां नहीं मिल रहे। इस कारण अफसरों को मजबूरन एक ही काम की बार-बार ई निविदा लगानी पड़ रही हैं। इससेनिवर्तमान पार्षद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
निवर्तमान पार्षद वार्ड तीन से हरमीन कोहली, सात से रामआसरा भारद्वाज, आठ से विनोद मरवाह, तेरह से निर्मल चौहान ने कहा कि करीब एक साल से निगम अफसर विकास कार्यों की निविदा लगाने का खेल कर रहे हैं। एक ही काम की कई बार ई-निविदाएं लगाई जा चुकी है, पर उनमें ठेकेदार व एजेंसियां नहीं मिले। इसके साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान रही आचार संहिता से भी कई माह यह प्रक्रिया लटकी रही।
अब आचार संहिता हटने पर नगर निगम अफसर फिर ई-निविदाएं लगा रहे हैं। उसमें भी तय समय अवधि में ठेकेदार व एजेंसियां न मिलने पर दोबारा ई-निविदाएं लगानी पड़ गई हैं। इसकी एक वजह ई-निविदा प्रक्रिया का प्रचार न होना भी है। आरोप है कि निगम अफसर ई-निविदाएं वेबसाइट पर अपलोड कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
डेढ़ दो साल पहले के मंजूर काम भी अभी तक ई-निविदा प्रक्रिया में लटके हैं। इनमें शहर के विभिन्न वार्डों के जरूरी काम भी हैं, जिनके न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि ई-निविदाएं बड़ी राशि के बजाय कम राशि की लगाई जाएं, जिससे छोटे ठेकेदार व एजेंसियां भी उसमें बिड कर पाएं और अधिक बिड आने पर प्रतिस्पर्धा के चलते कम खर्च में काम हो सकें।
इन कामों की दोबारा लगानी पड़ीं ई-निविदाएं
वार्ड चार के भगवानगढ़ में 15.01 लाख रुपये से सुखमणि रिजॉर्ट समीप डी-प्लान में सड़क का निर्माण। वार्ड 18 में 6.68 लाख रुपये से शहीद फतेह सिंह पार्क का विकास। वार्ड 18 में 5.18 लाख रुपये से भोला के घर से उमा शंकर के घर तक सड़क व सीवरेज निर्माण। वार्ड चार के बूड़िया में 8.38 लाख रुपये से जय भगवान के घर से बाबू राम के घर तक और देवी मंदिर से सोनू के घर तक सड़क व नाली का निर्माण। वार्ड चार के बूड़िया में 4.23 लाख रुपये से पुलिस स्टेशन से चुन्नी लाल के घर तक पाइप बिछाने सहित गली का निर्माण। वार्ड चार के बूड़िया में 7.58 लाख रुपये से जलघर में शौचालय निर्माण। इससे पहले भी लाखों रुपये के कामों की ई निविदाएं दोबारा लगाई जा चुकी हैं