संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जन्माष्टमी पर्व को लेकर शहर के बाजारों में कान्हा जी के शृंगार और पोशाक की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है। पर्व को लेकर श्रद्धालु कान्हा जी को सजाने के लिए नए-नए मुकुट, पगड़ी, पोशाक और आभूषण खरीद रहे हैं। पहले जहां साधारण कपड़े के मुकुट और हल्की सजावट वाली पगड़ी की मांग रहती थी, वहीं अब डिजाइनर पगड़ी और आकर्षक मुकुट लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं।
श्रीजी पोशाक भंडार की संचालिका अनु ने बताया कि पहले कान्हा जी के लिए साधारण कपड़े से तैयार मुकुट और पगड़ी अधिक पसंद की जाती थी। इनमें सजावट भी काफी कम होती थी। उस समय सामान्य मुकुट और पगड़ी करीब 50 से 150 रुपये तक में मिल जाती थी। अब बाजार में कान्हा जी के शृंगार के लिए कई तरह के डिजाइन उपलब्ध हैं।
मोती, कुंदन, स्टोन, जरी और रंग-बिरंगे सजावटी सामान से तैयार पगड़ी और मुकुट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रचलन में जरकन वाली पगड़ी व मुकुट लोगों को पसंद आ रहे हैं। वृंदावन शृंगार पैलेस के संचालक ने बताया कि जन्माष्टमी से पहले कान्हा जी के मुकुट और पगड़ी की मांग में तेजी आई है।
ग्राहक अब पारंपरिक मुकुट के साथ-साथ अलग डिजाइन और ज्यादा सजावट वाले मुकुट भी पसंद कर रहे हैं। बच्चों के आकार से लेकर अलग-अलग साइज में मुकुट और पगड़ी उपलब्ध हैं। कई लोग अपने कान्हा जी की पोशाक के रंग के अनुसार मुकुट और पगड़ी पसंद कर रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार सामान्य मुकुट और पगड़ी की कीमत करीब 100 से 250 रुपये तक है।
बेहतर डिजाइन और अधिक सजावट वाले मुकुट 300 से 600 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं विशेष डिजाइन, कुंदन, मोती और अधिक सजावट वाले बड़े व हैवी मुकुट-पगड़ी की कीमत 700 से 1,000 रुपये या उससे अधिक तक है। वहीं घर में कान्हा जी का पूजन करने वाली कुसुम, सृष्टि, कोमल, शैली, कमलेश आदि का कहना है कि जन्माष्टमी पर कान्हा जी को नए वस्त्र और आभूषण पहना कर सजाने की परंपरा है।