संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा को मंच देने के लिए खंड और जिलास्तर पर सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को 10 सितंबर तक खंडस्तरीय प्रतियोगिताएं करवाने के आदेश जारी किए हैं।
इसके बाद खंडस्तर के विजेता प्रतिभागियों और टीमों के बीच जिलास्तरीय प्रतियोगिता करवाई जाएगी। जिलास्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। प्रतियोगिताओं में कक्षा पांचवी से आठवी और नौवी से 12वी तक के विद्यार्थी भाग लेंगे।
प्रतियोगिता में एकल नृत्य, समूह नृत्य, रागिनी और नाटक समेत विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं को शामिल किया गया है। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध करवाना है। जिलास्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्यस्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए विभाग की ओर से बड़ा मंच प्रदान किया जाएगा।
खंडस्तरीय प्रतियोगिता करवाने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को मिली है। उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार प्रतियोगिताओं का शेड्यूल तैयार करने की छूट दी गई है। हालांकि, वर्तमान में एसआईआर कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगी होने के कारण प्रतियोगिताओं का शेड्यूल तैयार करने में परेशानी आ रही है।
विभाग की ओर से 15 सितंबर तक जिलास्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं करवाने की योजना बनाई जा रही है। इसी अवधि में विद्यार्थियों की त्रैमासिक परीक्षाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग दोनों गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम तैयार करने में जुटा है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और अधिक से अधिक विद्यार्थी सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता बक्शी ने बताया कि विभाग की ओर से सांस्कृतिक महोत्सव प्रतियोगिता करवाई जानी है। यह पहले खंड और फिर जिलास्तर पर करवाई जाएगी। जिलास्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्यस्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इसके लिए सभी अधिकारियों व स्कूल प्रभारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।