हर्बल पार्क चुहड़पुर कला में इस बार वन विभाग लगभग एक लाख औषधीय पौधे तैयार कर रहा है। जिसमें हरसिंगार गुग्गल, स्टीविया और शुगर के लिए उपयोगी इंसुलिन की कल्में लगाने का कार्य शुरू हो चुका है। यह मेडिसिन प्लांट पर्यावरण में सहयोग के साथ लोगों को बीमारियों से निजात दिलाने का कार्य करेंगे। चौधरी देवी लाल हर्बल पार्क चुहड़पुर कला के इंचार्ज दीपक ने बताया कि हर्बल पार्क चुहड़पुर कला 184 एकड़ में फैला हुआ है जिसमें आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के पेड़ पौधों को तैयार किया जाता है।
इतना ही नहीं हर्बल पार्क से तैयार जड़ी बूटियों के पेड़ पौधे कम रेट पर लोगों को उपलब्ध कराए जाते हैं। हर्बल पार्क में तैयार जड़ी बूटी दिल्ली पंजाब हिमाचल यूपी आदि राज्यों में भेज जाती है। इस बार हर्बल पार्क की नर्सरी में लगभग एक लाख मेडिसिनल प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। जिनमें हार सिंगार, स्टीविया, गुग्गल और इंसुलिन के पौधे प्रमुख हैं। स्टीविया और इंसुलिन के पौधों की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है। स्टीविया के पत्ते प्राकृतिक मिठास के लिए उपयोग किए जाते हैं।
दीपक ने बताया कि स्टीविया के पत्तों से मीठा रस निकलता है जो प्राकृतिक मीठे का काम करता है। जिसके उपयोग करने से शुगर भी कम रहती है। इसके साथ नर्सरी में इंसुलिन का पौधा भी तैयार किया जा रहा है। जिसके उपयोग करने से हमारे शरीर में इंसुलिन का लेवल बढ़ जाता है। मधुमेह के रोगी जो इंसुलिन इंजेक्शन लेते हैं यह इंसुलिन का पौधा उनके लिए रामबाण औषधी है। इंसुलिन का सेवन करने से मधुमेह के रोगियों को इंसुलिन इंजेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ती है। उन्होंने बताया कि हर्बल पार्क के नर्सरी में इस बार एक लाख मेडिसिनल प्लांट तैयार किए जा रहे हैं जो कि लोगों को कम रेट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।