यमुनानगर। बढ़ती गर्मी को देखते हुए पशुपालन विभाग भी जिले के करीब नौ लाख पशुओं के स्वास्थ्य के लिए सतर्क हो गया है। पशुधन को हीटवेव से बचाने के लिए विभाग की तरफ से गाइडलाइन जारी कर दी गई है। कर्मचारियों को फील्ड में उतार दिया गया है, जिन लोगों व किसानों ने पशुओं को रखा हुआ है उन्हें शिविर के माध्यम से जागरूक किया जाने लगा है।
हालांकि अभी तक जिले में हीटवेव से पशुओं को कोई हानि नहीं पहुंची, किंतु विभाग ने हीटवेव से कैसे पशुओं को बचाकर रखना है इसको लेकर गंभीर है। विभाग के अनुसार महेंद्रगढ़, भिवानी, नारनौल व रेवाड़ी जैसे जिलों में तापमान अधिक रहता है इसलिए वहां हीटवेव की संभावना अधिक बनी रहती है।
45 डिग्री से ऊपर घोषित होता होता है हीटवेव
पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. सतबीर सिंह बताते हैं जिले में नौ लाख 29 हजार गाय, भैंस व अन्य पशु हैं। इनमें एक लाख पांच हजार गाय, एक लाख 24 हजार भैंस, 18 हजार भेड़, छह हजार बकरी, चार हजार सुअर और बाकी अन्य है। लेकिन दो परिस्थितियों में हीटवेव घोषित किया जाता है पहला जब 45 डिग्री से ऊपर तापमान हो और दूसरा तीन दिन तक यदि 40 डिग्री तापमान रहे।
उन्होंने कहा कि हीटवेव को लेकर विभाग की तरफ से गाइडलाइन मिलने के अनुसार काम किया जा रहा है। पशुपालकों को पशुओं को छायादार वृक्षों के नीचे रखें, 45 डिग्री से अधिक तापमान होने पर पशुओं के आवास गृह की खिड़की, दरवाजों पर गीले पर्दे से बचाव करें। दुधारू पशुओं के लिए कूलर की व्यवस्था भी की जा सकती है। पशुओं के लिए दिन में 4-5 बार स्वच्छ एवं ठंडे जल की व्यवस्था करे। पानी की समुचित व्यवस्था होने पर पशुओं को स्नान भी करवाया जा सकता है। पशुओं के आहार में पौष्टिकता वाला भोजन सम्मिलित करें एवं दिन में दो बार गुड एवं नमक के पानी का घोल अवश्य पिलाएं।