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डेंगू के दो और मरीज मिले

Thu, 08 Sep 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
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डेंगू - फोटो : यमुनानगर
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यमुनानगर। जिले में डेंगू के दो और पॉजिटिव केस सामने आए हैं। बिलासपुर की 45 साल की एक महिला व रणजीत गार्डन के 45 साल के एक व्यक्ति के रक्त की सरकारी लैब में जांच के बाद उन्हें डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इन्हें मिलाकर जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या छह हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू पीड़ितों के घरों व आसपास दवा का छिड़काव करवाया। वही, प्राइवेट अस्पतालों में संदिग्ध डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बिलासपुर कस्बे की एक महिला को कई दिनों से बुखार था। परिजनों ने उसे यमुनानगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में डेंगू कार्ड से उसके रक्त की जांच की गई तो उसे डेंगू निकला। निजी अस्पताल के डाक्टर ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिला के रक्त की सरकारी लैब से जांच में उसे डेंगू निकला। इसी प्रकार जगाधरी वर्कशाप क्षेत्र की रणजीत कॉलोनी के एक व्यक्ति के बुखार में सुधार न होने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके रक्त की  भी डेंगू कार्ड से जांच में उसे डेंगू होने का पता चला। अस्पताल की ओर से इस मरीज के बारे में भी स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। इस मरीज के रक्त की सरकारी लैब में जांच के बाद उसे डेंगू की रिपोर्ट आई।

छह पहुंची डेंगू मरीजों की संख्या
इन्हें मिलाकर जिले में डेंगू पोजिटिव केसों की संख्या छह हो गई है। पिछले महीने मुस्तफाबाद खंड के हसनपुर गांव के तीन साल का बच्चे और रादौर खंड के पोटली गांव की 55 साल की महिला को डेंगू हो चुका है। वहीं, बुड़िया के तीन साल के बच्चे व आजाद नगर के सात साल के बच्चे को भी डेंगू हुआ था। डेंगू पीड़ितों के घरों व आसपास बड़ी संख्या में डेंगू के लारवा भी मिले थे।
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निजी अस्पतालों में जा रहे मरीज
जिले के प्राइवेट अस्पतालों में संदिग्ध डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। प्राइवेट अस्पतालों में संदिग्ध डेंगू मरीजों के रक्त की जांच डेंगू कार्ड से की जाती है। इस कार्ड की रिपोर्ट के आधार पर डाक्टर मरीज को डेंगू पीड़ित करार देकर उसका इलाज शुरू कर देते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू कार्ड की रिपोर्ट पूरी तरह विश्वसनीय नहीं है।

ये बरतें सावधानी
- डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है। इससे बचने के लिए कूलर आदि का पानी प्रतिदिन या एक दिन छोड़कर बदलें।
- पानी की टंकियों को खुली न रखें।
- बेकार टायर, खाली बर्तन आदि में पानी खड़ा न होने दें, ताकि डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लारवा न पनप सके।
- रात को सोते समय शरीर को ढंक कर सोएं और मच्छरदानी का प्रयोग करें।  
- डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है, इसलिए ऐसे कपड़े पहने जो बदन को पूरी तरह ढंक लें।

एक्सपर्ट व्यू
बुखार होने पर फौरन करवाएं जांच
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वीके जैन ने बताया कि अगर बुखार होता है तो उसकी तुरंत जांच करवानी चाहिए। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है, बुखार उतारने के लिए पैरासीटामोल ले सकते हैं। एस्प्रीन या इबुब्रेफेन का इस्तेमाल स्वयं न करें तथा डॉक्टर की सलाह लें। डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

बिलासपुर की एक महिला और रणजीत गार्डन के एक व्यक्ति की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। दोनों इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हुए थे, जहां से उनके रक्त के सैंपल सरकारी लैब में भेजे गए थे। डेंगू कार्ड की रिपोर्ट पूरी तरह सही नहीं होती हैै। यदि प्राइवेट अस्पताल में डाक्टर डेंगू बताते हैं तो सरकारी लैब से जांच जरूर करवाएं।
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डॉ वीके जैन, जिला मलेरिया अधिकारी।
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