संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र से अच्छी खबर है। बदलते मौसम के बीच डेंगू मच्छर का आतंक कम हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में 11 दिन में डेंगू का एक भी केस नहीं चढ़ा है। इसकी वजह अफसर तापमान में कमी के चलते बढ़ी ठंड को माना रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को राहत मिली है।
इस साल मिले डेंगू मरीजों का आंकड़ा 102 पर पहुंच गया है। यह 30 सितंबर तक 31 था। इसके बाद सबसे ज्यादा डेंगू के मामले अक्तूबर में आए। अक्तूबर में 51 डेंगू मरीज विभाग के रिकॉर्ड में आए। इनमें कई दिन एक साथ चार से पांच मामले भी रहे। नवंबर की शुरुआत से तापमान में गिरावट के साथ सुबह-शाम ठंड महसूस होने लगी थी, जिसके बाद से डेंगू के मामलों में भी कमी आने लगी।
नवंबर के शुरुआत के 18 दिन में विभाग को डेंगू के 19 मरीज मिले, पर 19 नवंबर के बाद से एक दिसंबर तक 11 दिन में एक भी डेंगू केस नहीं आया है।
डेंगू के
लक्षण और बचाव
डेंगू के मरीज को सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डी या जोड़ों में दर्द, उल्टी आना, पेट की खराबी, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द और त्वचा पर चकत्ते या लाल रंग के दाने निकलते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच करानी चाहिए। फुल बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। रोजाना तीन लीटर से ज्यादा पानी पीएं। घर में गमले, कूलर व बर्तन में पानी जमा न होने दें। धारीदार मच्छर शरीर पर बैठे तो तत्काल सतर्क हो जाएं।
डेंगू के इस साल मिले मरीजों का आंकड़ा 102 है। 19 नवंबर के बाद से 11 दिन में डेंगू का कोई नया केस नहीं आया है। इसकी एक वजह ठंड बढ़ना भी है। चूंकि इस मौसम में डेंगू के मामलों में कमी आती है, ठीक ऐसा ही इस बार भी हो रहा है। -डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया।