डेंगू के कारण यमुनानगर के आजाद नगर निवासी 62 वर्षीया महिला कलावती की
मौत हो गई। उसका इलाज मोहाली के एक अस्पताल में चल रहा था। इसकी पुष्टि
मृतका के पति चंदन ने की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले में रिपोर्ट
आने के बाद पुष्टि करने की बात कह रहे हैं, वहीं शुक्रवार को जगाधरी शहर
के एक निजी अस्पताल से संदिग्ध डेंगू के एक मरीज को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर
किया गया।
शहर में कंफर्म डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 16 तक पहुंच गई
है, जो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है।
आजाद नगर की गली नंबर दो निवासी
चंदन ने बताया कि वीरवार को अचानक उसकी पत्नी कलावती की तबीयत बिगड़ गई।
इसके बाद उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर जांच के
बाद डॉक्टरों ने उसे बताया कि उसकी पत्नी के प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे
हैं।
इसके बाद उसने किसी तरह से पत्नी के लिए प्लेटलेट्स का बंदोबस्त किया।
जब निजी अस्पताल में उसकी पत्नी को प्लेटलेट्स चढ़ाए जा रहे थे, तो इस
दौरान उसकी पत्नी की कंपकंपी शुरू हो गई। डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते
हुए उसे रेफर कर दिया। इसके बाद उसने पत्नी को मोहाली के अस्पताल में भर्ती
करा दिया। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चंदन ने बताया कि
अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें जो रिपोर्ट दी है, उसमें स्पष्ट है कि डेंगू
की वजह से उसकी पत्नी की मौत हुई है। शुक्रवार को शहर के एक निजी अस्पताल
से संदिग्ध डेंगू से ग्रस्त द्वारकापुरी निवासी राजेंद्र कुमार को पीजीआई
चंडीगढ़ रेफर किया गया है। बुधवार को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रिपोर्ट देखने के बाद करेंगे पुष्टि
सीएमओ
डा. एमआर पासी का कहना है कि संदिग्ध डेंगू से मरी महिला के मामले में अभी
स्वास्थ्य विभाग को कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट देखने के
बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। जिस महिला की मौत हुई है, उसका
निजी अस्पताल से इलाज चल रहा था। अस्पताल से फिलहाल उन्हें कोई रिपोर्ट
प्राप्त नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने स्तर पर मामले की
जांच कर रहे हैं।
बेकाबू हो रहा डेंगू
शहर में डेंगू के मरीजों
की संख्या 16 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि
कंफर्म डेंगू के मरीजों में आजाद नगर के 5, कैंप के 3, अशोक विहार जगाधरी
के 3, द्वारकापुरी जगाधरी का एक, सेक्टर-17 का एक, जड़ौदा गेट का एक, मुंडा
माजरा का एक और जड़ौदा गेट जगाधरी का एक मरीज शामिल है। सरकारी आंकड़ों के
मुताबिक अब तक संदिग्ध डेंगू के 50 मरीज सामने आ चुके हैं। अगर इसमें निजी
अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या को जोड़ लिया जाए, तो यह
आंकड़ा चौंकाने वाला हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल डेंगू के कंफर्म केसों की संख्या 18 थी, जो इस साल की अपेक्षा काफी कम है।