छछरौली थाना क्षेत्र से रविवार को लापता हुए गांव तारूवाला निवासी ईशपाल
का शव क्षतविक्षत हालत में फतेहपुर पुल के पास जंगल से मिला। परिजनों ने
वेदपाल के ही तीन दोस्ताें पर अपहरण कर उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंकने
का आरोप लगाया है।
पुलिस ने देर शाम उसके दो दोस्तों पर केस दर्जकर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ जारी
है। छछरौली निवासी कर्मवीर उर्फ काला और मुंडाखेड़ा निवासी लक्की ने छछरौली
में पहले ईशपाल को शराब पिलाई।
उसके बाद उसे नशे ही हालत में अगवा कर
छछरौली से अमादलपुर के जंगलों में लेकर आए। जहां उन्हाेंने रॉड से उसके सिर
पर वार किया। इसके बाद उसके बाजू और शरीर के अन्य हिस्सों पर वार कर घायल
किया। बाद में रस्सी से गला घोट कर उसकी हत्या कर दी।
छछरौली थाना प्रभारी
निर्मल सिंह का कहना है कि मामले में अपहरण कर हत्या का मामला दर्जकर लिया
है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है।
गांव तारूवाला निवासी मीना देवी ने बताया कि उसका पति ईशपाल सिंह बिलासपुर
कोर्ट में एक वकील के पास मुंशी का काम करता था। 22 सितंबर को कोर्ट में
रविवार की छुट्टी थी। रविवार सुबह वह किसी काम के लिए छछरौली गया। दोपहर के
समय उसने उसे फोन करके बताया कि वह छछरौली में दोस्त की दुकान पर है। शाम
को घर आऊंगा।
रविवार रात करीब नौ बजे उसके पति ईशपाल ने उसे फोन करके बताया
कि उसके साथ उसके तीन दोस्त भी आएंगे और वह उनके लिए खाना बना ले। फोन
सुनने के बाद वह खाना बनाने में जुट गई। अभी वह खाना बनाने ही लगी थी कि
पांच मिनट बाद दोबारा फिर उसके पति का फोन आया और वह हेलो के बाद
डिस्कनेक्ट हो गया। मीना ने बताया कि इस दौरान उसका पति फोन पर ठीक से बोल
नहीं पा रहा था। फोन अचानक कटने के बाद उसने दोबारा अपने पति का नंबर डायल
किया लेकिन फोन स्विच ऑफ आया। इस दौरान बार-बार फोन ट्राई करने के बाद भी
जब उसका पति से संपर्क नहीं हो सका तो उसने इस बारे में परिजनों से पूछताछ
की। परिजनाें ने इस बारे में अन्य रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की,
लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। उन्हाेंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने युवक की तलाश की, लेकिन पता नहीं चलने के बाद मीना की शिकायत में
लोगों के खिलाफ अगवा करने के आरोप में मामला दर्जकर लिया था।
बुधवार शाम
पुलिस को सूचना मिली कि पश्चिमी यमुना नहर के फतेहपुर पुल के नजदीक सुघ के
जंगल में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की। युवक
का शव काफी गला सड़ा था। उसके चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा था। परिजनाें
ने युवक के कपड़ों से शव की शिनाख्त ईशपाल के रूप में की। मृतक की एक बाजू
किसी तेजधार हथियार से कटी थी। उसके गले को दबाने के निशान और पेट पर
तेजधार हथियार के गहरे जख्म थे। मृतक को तेजधार हथियारों से इस तरह गोदा
गया था कि पेट की आंतड़ियां तक बाहर निकली थीं। मृतक की पत्नी मीना, भाई
वेदपाल, अमर सिंह ने उसके तीन दोस्तों पर अगवा करके हत्या करने का आरोप
लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक
भेज दिया।
एक लाख रुपये को लेकर की हत्या
पत्नी मीना देवी, भाई
वेदपाल और अमर सिंह का कहना है कि कुछ दिनों पहले ईशपाल के एक दोस्त ने
कोर्ट का कोई काम करवाया था। इस काम के लिए ईशपाल को उसके दोस्त ने लगभग एक
लाख रुपये देने थे। आरोप है कि उसके दोस्त ने उसके पैसे नहीं देने पर उसकी
हत्या की।
आरोपी दोस्तों ने भी तलाशा
मृतक ईशपाल के परिजनाें
ने जिन दोस्तों पर आरोप लगाया है कि वही दोस्त ईशपाल के लापता होने के अगले
दिन उसे परिजनों के साथ तलाशते रहे। परिजनों का कहना है कि ईशपाल की हत्या
करने के बाद आरोपी उनके साथ ईशपाल की हत्या का शक उन पर न जाए इसलिए उसकी
तलाश में उनके साथ आए।
पांच मिनट में ही दोस्ती का कत्ल
रविवार
रात करीब नौ बजे ईशपाल ने पत्नी मीना को फोन करके कहा था कि उसके तीन
दोस्त भी उसके साथ खाना खाने के लिए घर आ रहे हैं, लेकिन पांच मिनट दोबारा
उसके पति का फोन आया, जिसमें उससे सही तरह से बात नहीं हो पाई। पांच मिनट
में ही ऐसा क्या बदलाव हुआ कि जिन दोस्तों पर ईशपाल को इतना विश्वास था कि
वह उन्हें अपने घर में खाने के लिए निमंत्रण दे रहा था उन्हाेंने ने ही
उसकी बचपन की दोस्ती का कत्ल किया है। इसकी पुलिस जांच कर रही है।