यमुनानगर। बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसे मच्छर जनित रोग जिले में दस्तक दे चुके हैं पर अभी तक फॉगिंग का कोई शेड्यूल नहीं बन पाया है। ऐसे में रोगों के पांव पसारने की आशंका है। क्योंकि बारिश के जलभराव में लगातार मच्छर पनप रहे हैं। मच्छरों की बढ़ती संख्या का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में इस सीजन में अभी तक तीन डेंगू, दो चिकनगुनिया व एक मलेरिया केस आ चुके हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ रहहहै। जन प्रतिनिधि और शहरवासियों ने नगर निगम से फॉगिंग की मांग की है।
बारिश से जलभराव, कीचड़ व गंदगी में बढ़ रहे मच्छर-बारिश होने पर शहर के पॉश क्षेत्र से लेकर रिहायशी कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों में सड़कों व गलियों में जलभराव के हालात हो रहे हैं। दशमेश कॉलोनी, आजाद नगर, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी जैसे निचले इलाकों में बारिश के बाद कई घंटे बाद पानी नाले-नालियों के जरिए उतरता है। इसके बाद नाले-नालियों से निकली गंदगी से गलियों में कीचड़ हो जाता है। साथ ही शहर में कचरा उठान भी नियमित नहीं है, जिससे कचरा गलियों-सड़कों व प्लॉटों में बिखरा पड़ा है। इससे डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया फैलने का खतरा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी जगह-जगह लारवा मिल रहा है। निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में मच्छर जनित रोगों के संदिग्ध बढ़ रहे हैं। ये देख लोग फाॅगिंग की मांग कर रहे हैं।
पिछले वर्षों की गलतियों से नहीं सबक
निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि गत वर्षों में भी डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसे रोग पूरी तरह पांव पसार चुके थे, तब जाकर नगर निगम को फॉगिंग कराने की याद आई थी। इस गलती से सबक लेने के बजाय इस बार भी इसे दोहराया जा रहा है। इसलिए निगम आयुक्त से मिलकर अभी शुरुआती दौर में ही रोगों पर रोकथाम के लिए फाॅगिंग कराए जाने की मांग होगी।
वर्जन-
फॉगिंग के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश देंगे। जलभराव से बचाव में टीमें लगी हैं। कचरा उठान भी एजेंसी को नियमित करने के निर्देश दिए हैं।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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