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प्रदूषण फैला रही फैक्टरी के बाहर प्रदर्शन

Fri, 03 Jan 2014 05:14 PM IST
यमुनानगर
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जांच के दौरान फैक्टरी वायु प्रदूषण के नियमों की अवहेलना करती पाई गई। इसके बाद फैक्टरी संचालक को क्लोजर नोटिस जारी कर दिया गया। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि अगर 15 दिनों में फैक्टरी संचालक ने स्थिति को दुरुस्त नहीं किया, तो उसे सील कर दिया जाएगा।
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बोर्ड की इस कार्रवाई से शहर में मौजूद अन्य फैक्टरी संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी है। कालोनीवासी प्रेम कुमार, संतोष, नवदीप, हरविंदर, उषा रानी, लीला, राधा, डॉ. अशोक कुमार, दलीप कुमार, नरेंद्र कुमार, बलराम, करतार ने बताया कि एक फैक्टरी द्वारा टायरों को जलाकर उनसे तेल निकाला जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्टरी संचालक द्वारा वायु प्रदूषण के मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। टायर जलने के कारण अधजले कण तथा जहरीला धुआं उनके घरों में पहुंच रहा है। इस कारण उन्हें परेशानियेां का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि फैक्टरी संचालक को स्थिति दुरुस्त करने के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन समस्या जस की तस बनी है। वीरवार को जब कॉलोनी के लोगों ने स्थिति दुरुस्त करने के लिए कहा, तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद लोगों ने फैक्टरी के बाहर संचालक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पीके शर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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नंगे पांव छत पर जाना हुआ दूभर
कॉलोनीवासियों का कहना है कि फैक्टरी में टायर जलने के कारण अधजले कण तथा धुआं छतों पर जम जाता है। अगर घर का कोई सदस्य नंगे  पांव छत पर जाता है, तो कालिख पांव पर चिपक जाती है। उन्होंने बताया कि हवा के जरिये कालिख लोगों के घरों में पहुंच रही है। जिस कारण उनका जीना मुहाल हो रखा है।

सांस की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे लोग
कॉलोनीवासियों का कहना है कि क्षेत्र में फैक्टरियों की भरमार की वजह से दिनभर जहरीला धुआं लोगों के घरों में आता रहता है, जो सांस के जरिये शरीर में प्रवेश कर रहा है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोग सांस से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। हालांकि कॉलोनी के लोग क्षेत्र से फैक्टरियों को हटवाने की मांग को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक उनका कोई समाधान नहीं हुआ है।
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