संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चुनावी माहौल में कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। इनमें मुख्य मांग पुरानी पेंशन बहाली के साथ कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की है। सरकारी विभागों में निजीकरण बंद कर खाली पड़े पदों पर पक्की भर्ती की भी पूरजोर मांग उठा रहे हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि चुनाव मैदान में उतरे दलों व प्रत्याशियों को उक्त मुद्दे पर अपना पक्ष रखना चाहिए।
स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान विजय कुमार ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत करने के बजाय पक्का किया जाना चाहिए, जिससे उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह हर सुविधा व लाभ मिले। क्योंकि कच्चे कर्मचारी भी पक्के कर्मचारियों की तरह काम में पूरा समय देते हैं, इसलिए उन्हें नियमित किया जाए।
हरियाणा अग्निश्मन विभाग कर्मचारी यूनियन के इकाई सचिव रिंकू कुमार ने कहा कि दमकल केंद्रों के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। साथ ही केंद्रों पर कर्मचारियों को सभी तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिएं। क्योंकि दमकल कर्मचारी जान जोखिम में डाल कार्य करते हैं, इसलिए उन्हें किसी भी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य महासचिव मांगेराम तिगरा ने कहा कि सफाई कार्य में लगे कच्चे कर्मचारियों को सबसे पहले पक्का किया जाए, जिससे उन्हें हर सुविधा व लाभ मिल पाए। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों को सफाई कार्य के सभी तरह के संसाधन व स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान महिपाल सौदे ने कहा कि सबसे पहले तो पुरानी पेंशन बहाल की जानी चाहिए। क्योंकि यह सभी कर्मचारी संगठनों की मांग है। इसके लिए लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। कई प्रदर्शन व पत्राचार के जरिए यह मांग की जा चुकी है, इसलिए यह मांग प्राथमिकता के साथ पूरी होनी चाहिए।
सर्व कर्मचारी संघ से जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सभी सरकारी महकमों में निजीकरण को पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन व अन्य सार्वजनिक सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, उन्हें हर सुविधा मिलनी चाहिए।