संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की जिला इकाई ने सोमवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रोष प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की।
इस संबंध में मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के नाम जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक राणा को ज्ञापन सौंपा गया। जिला प्रधान अमित सिंह ढिल्लो ने कहा कि शिक्षा विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय का हवाला देते हुए 14 सितंबर को पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सेवारत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है। इसमें पांच वर्ष की सेवा शेष रहने वाले शिक्षकों को परीक्षा से छूट दी गई है।
पदोन्नति के लिए उन्हें भी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। दो वर्ष में परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने का प्रावधान बताया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने अगस्त 2010 में शिक्षक पात्रता परीक्षा को नियुक्ति के समय चयन के लिए निर्धारित किया था।
इससे पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू सेवा नियमों के अनुसार हुई थी। ऐसे शिक्षकों पर बाद में परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। प्रदर्शन में राज्य सचिव जयकुमार गुर्जर, गुलाब सिंह राणा, नवदीप शर्मा, मनोज पंजेटा, प्रदीप कुमार ढाकवाला, सुषमा रानी, शिष्टा रानी, मनीष कुमार, गुरजीत सिंह, तेजबीर सिंह, विजय कुमार वर्मा, सुनील रोहिल्ला, संजीव भूलखेड़ी, सुभाष चंद कांबोज सहित अन्य प्राथमिक शिक्षक उपस्थित रहे।