संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। साढौरा मार्ग स्थित सरस्वती अजात आश्रम में मुख्य मार्ग तक रिर्टनिंग वाल बनाने जाने की मांग आश्रम के महंत व सेवादारों ने की है। यह मांग आश्रम की बाढ़ से सुरक्षा के मद्देनजर की गई है।
महंत स्वामी कृष्णानंद सरस्वती, सेवादार प्रमोद वर्मा, अरविंद, संजय कुमार, चंद्रमोहन का कहना है कि सरस्वती नदी पर गांव भील छप्पर की तरफ से नदी के समीप रिटर्निंग वाल को बनाने का कार्य शुरू किया गया था। परंतु दीवार को सरस्वती अजात आश्रम में निशान साहिब के पास आकर छोड़ दिया गया हैं। इससे सरस्वती नदी के पानी के तेज बहाव से कटाव होने की आशंका है।
नदी का पानी सरस्वती अजात आश्रम में प्रवेश कर सकता है, जिससे आश्रम को काफी नुकसान होगा। महंत व सेवादारों ने बताया कि यदि जल्द ही रिटर्निंग वाल को बिलासपुर-साढौरा पुल तक नहीं बनाया तो मानसून सीजन में नदी के तेज बहाव का पानी आश्रम में प्रवेश करके भारी नुकसान पहुंचा सकता है। महंत ने बताया कि इस समस्या को लेकर वह सरस्वती बोर्ड व प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। उन्हें केवल आश्वासन देकर भेज दिया जाता है।
उनका कहना है कि शायद विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। उनकी प्रशासन से मांग है कि पूरे बिलासपुर का वेस्ट पानी जो सरस्वती नदी में गिराया जा रहा है उस पर रोक लगाई जाए। पाइप दबाकर कस्बा के दूषित पानी को पुल से आगे छोड़ा जाएं ताकि आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था आहत न हो।