संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन की बैठक जिला प्रधान मनीष बंसल की देखरेख में हुई। जिसमें राइस मिलर्स से जुड़े कारोबारियों ने भाग लिया। बैठक में समस्याओं पर मंथन किया गया। साथ ही सरकार से समस्याएं दूर करने की मांग उठाई गई।
इस दौरान बंसल ने कहा कि राइस मिलर्स को अपने कामकाज में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्याओं के चलते जिले के 180 सहित प्रदेश के 1500 से अधिक राइस मिलर्स चिंतित हैं। मिलर्स दो दशकों से अधिक समय से कस्टम मिलिंग राइस का कार्य कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा समय में काफी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।
सरकारी खरीद एजेंसियां राइस मिलर्स को अनाज मंडियों से धान उपलब्ध करवाती है। राइस मिलर्स को उस धान की मिलिंग व शेलिंग कर उसका छिलका उतारकर चावल एफसीआई के सरकारी गोदाम में सप्लाई करना होता है। लेकिन, पर्याप्त जगह न मिलने के कारण मिलर्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले सीजन में खरीद एजेंसियों व एफसीआई ने चावल लगाने के लिए राइस मिलर्स को पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं करवाई। इससे चावल की डिलीवरी देरी से हुई और मिलर्स को काफी आर्थिक नुकसान हुआ। एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिले के राइस मिलर्स के पास एडवांस मशीनें नहीं है। जिससे वह 10 प्रतिशत टुकड़े का चावल दे सकें।
मिलर्स को चावल लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध करवाई जाए। सीएमआर डिलीवरी में चावल का यिल्ड 67 प्रतिशत से कम कर 62 प्रतिशत किया जाए। सीएमआर डिलीवरी में टूटा चावल (टुकड़ा) को 25 प्रतिशत से बढ़ा कर 35 प्रतिशत किया जाए। ड्राइज का प्रतिशत भी बढ़ाई जाए। मिलिंग चार्जेज 10 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए जाएं। बारदाना डेप्रिसिएशन बिना बिल के 14.19 रुपये क्विंटल के हिसाब से राइस मिलर्स को मिले।
पपलोहल ब्राह्मण गांव में काजवे से होकर गुजरते ग्रामीण। संवाद
पपलोहल ब्राह्मण गांव में काजवे से होकर गुजरते ग्रामीण। संवाद
पपलोहल ब्राह्मण गांव में काजवे से होकर गुजरते ग्रामीण। संवाद
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