यमुनानगर। भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती के बीच जिले में साइलेंट जेनरेटर का कारोबार तेजी से बढ़ा है। कारोबारियों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार साइलेंट जनरेटर की बिक्री में करीब 25 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही कीमत में आठ से 15 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।
पहले जेनरेटर की मांग मुख्य रूप से उद्योगों, अस्पतालों और होटलों तक सीमित थी। अब बड़े मकानों, क्लीनिकों, शोरूम, दुकानों और छोटे व्यवसायों में भी बैकअप के लिए साइलेंट जेनरेटर लगाए जा रहे हैं।
कम शोर, बेहतर ईंधन दक्षता और लगातार बिजली बाधित होने के कारण लोग साइलेंट जेनरेटर को प्राथमिकता दे रहे हैं। विक्रेताओं का कहना है कि इस बार घरेलू उपयोग के लिए तीन, पांच और 10 किलोवाट क्षमता वाले जनरेटर की सबसे अधिक मांग है। तीन किलोवाट क्षमता का साइलेंट जनरेटर कारोबारियों का कहना है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार जनरेटर की कीमतों में औसतन आठ से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
इसकी प्रमुख वजह डीजल इंजन, कॉपर, स्टील, अल्टरनेटर, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल पैनल और आयातित पुर्जों की कीमतों में बढ़ोतरी है। प्रह्लादपुरी स्थित अभी इलेक्ट्रिकल्स के संचालक सुशील ने बताया कि इस समय बाजार में तीन से 15 किलोवाट क्षमता वाले साइलेंट जेनरेटर की मांग सबसे अधिक है। कई उद्योग अब पुराने जेनरेटर बदलकर अधिक क्षमता और कम ईंधन खपत वाले आधुनिक साइलेंट जेनरेटर लगा रहे हैं। तीन किलोवाट का जेनरेटर प्रति घंटे करीब 750 एमएल डीजल की खपत करता है।
पृथ्वी पावर सॉल्यूशन संचालक अंशुल कांबोज ने बताया कि बिजली कटौती बढ़ने के साथ जेनरेटर की मांग में लगातार इजाफा हुआ है। तीन से 15 किलोवाट तक के घरेलू और व्यावसायिक जेनरेटर दो-तीन दिन में उपलब्ध हो जाते हैं, लेकिन बड़े औद्योगिक जनरेटर पहले से बुक कराने पड़ते हैं। उनकी डिलीवरी में लगभग एक सप्ताह का समय लग जाता है।
जेनरेटर कारोबारी लक्की अरोड़ा ने बताया कि तीन, पांच और 10 किलोवाट क्षमता वाले जेनरेटर सबसे अधिक बिक रहे हैं। घरों, क्लीनिकों, शोरूम और छोटे कारोबारियों के लिए यही सबसे उपयुक्त विकल्प हैं। ग्राहक अब ईंधन की बचत और कम मेंटेनेंस वाले मॉडल की अधिक मांग कर रहे हैं।
जनरेटर हाउस संचालक राजीव मित्तल का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में 100 केवीए से लेकर 1500 किलोवाट तक के जेनरेटरकी पूछताछ लगातार बढ़ रही है। उद्योगपति उत्पादन प्रभावित न हो, इसलिए पहले से बुकिंग कर रहे हैं। कई कंपनियों ने पुराने जेनरेटर बदलकर नए साइलेंट मॉडल लगवाए हैं। संवाद
बिजली की किल्लत से घर के लिए खरीदा जेनरेटर
जगाधरी के हिमांक ने बताया कि लगातार बिजली कटौती के कारण घर के लिए पांच किलोवाट का साइलेंट जेनरेटर खरीदा है। अब बच्चों की पढ़ाई, इनवर्टर चार्जिंग और जरूरी घरेलू उपकरण बिना किसी परेशानी के चलते हैं। इससे परिवार को काफी राहत मिली है। डॉ. प्रदीप गुप्ता ने कहा कि हमने अपने क्लीनिक के लिए 10 किलोवाट क्षमता का जेनरेटरर लगवाया है। बिजली जाने पर मरीजों की जांच और जरूरी उपकरण प्रभावित नहीं होते। अब काम बिना रुकावट के चलता है। उद्यमी विनोद गर्ग ने कहा कि उद्योगों में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उत्पादन सीधे प्रभावित होता है। इसलिए कई इकाइयों ने 500 से 800 किलोवाट क्षमता वाले नए जेनरेटर लगाए हैं।