संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को अपराजिता कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम में शिक्षिकाओं ने सशक्तीकरण व अपने अधिकारों के प्रति अपने विचार रखे। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं व छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, उच्च शिक्षा ग्रहण करने व अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
मुख्यातिथि प्राध्यापिका भावना रहीं। इस दौरान शिक्षिकाओं ने महिला सम्मान, आत्मविश्वास और जागरूकता को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। मुख्य वक्ता भावना ने कहा कि महिलाएं हमेशा से अपराजिता हैं और हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, छात्राओं ने भी महिला सुरक्षा, शिक्षा व सामाजिक जागरूकता को लेकर विचार साझा किए। अंत में सभी ने नारी सम्मान बनाए रखने और महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की शपथ ली।
अन्याय का डटकर करें मुकाबला
सुनीता ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने के साथ उनके खिलाफ अपराध भी बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। महिलाओं व छात्राओं को किसी भी परिस्थिति में घबराने की बजाय साहस और आत्मविश्वास के साथ अन्याय का मुकाबला करना चाहिए।
जागरूकता व शिक्षा से होंगे मजबूत
महिला सशक्तिकरण विषय पर भानुजा ने कहा कि नारी तब तक सशक्त नहीं हो सकती, जब तक शिक्षा के साथ अधिकारों और सुरक्षा को लेकर जागरूकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि वे हर चुनौती का मजबूती से सामना कर सकें। महिलाओं को आगे बढ़ाने में परिवार का सहयोग भी बेहद अहम है।
दहेज उत्पीड़न रोकने में भूमिका अहम
शिक्षिका निधि ने कहा कि समाज में महिलाओं के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका एक बड़ा कारण जानकारी का अभाव है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है, ताकि वे किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकें। शिक्षा व जागरूकता से ही महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है।
अधिकारों के प्रति हों जागरूक
सुमन ने कहा कि महिलाओं की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे मजबूत आधार है। यदि महिलाएं शिक्षित और जागरूक होंगी तो वे अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकेंगी और समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़ पाएंगी। महिलाओं को कानून और अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जा सके।
आत्मनिर्भर बनना बेहद जरूरी
भावना ने कहा कि यदि महिलाएं खुद पर विश्वास और धैर्य बनाए रखें तो जीवन में हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। आज भी कई महिलाएं जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित रह जाती हैं, इसलिए महिलाओं को सही और गलत का निर्णय स्वयं लेने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनकर दूसरों की मदद करनी होगी।