यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की बैठक में वर्करों का गुस्सा खुलकर सामने आया। विभागीय अधिकारी डीपीओ मीक्षा रंगा और सीडीपीओ कुसुम के साथ हुई बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
जिला प्रधान सुनीता सुघ और जिला सचिव सुनीता करेहड़ा ने बताया कि पिछले 10 महीनों से वर्कर और हेल्परों का मानदेय लंबित है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राज्य सचिव बिजनेश राणा ने कहा कि 2022 के आंदोलन के दौरान टर्मिनेट हुई वर्कर-हेल्परों का मानदेय अन्य जिलों में जारी किया जा चुका है, लेकिन यमुनानगर में इसे रोके रखना गलत है। उन्होंने ऐलान किया कि एक मई मजदूर दिवस पर सभी वर्कर-हेल्पर सामूहिक अवकाश लेकर आक्रोश प्रदर्शन करेंगी।
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इसके बाद 14 मई को पूरे हरियाणा से वर्कर-हेल्पर पंचकूला स्थित डायरेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगी। बैठक में राशन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था भी प्रमुख मुद्दा रही। सीटू जिला कमेटी सदस्य रोशन लाल ने आरोप लगाया कि लाभार्थियों को घटिया राशन दिया जा रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा है। वितरण व्यवस्था इतनी खराब है कि वर्करों को अपने खर्च से 200 से 250 रुपये तक खर्च कर राशन उठाना पड़ता है।
जिला उप प्रधान दया ने बताया कि कई केंद्र जर्जर हालत में हैं और बारिश में जलभराव के कारण रिकॉर्ड तक खराब हो चुका है। सीटू जिला संयोजक शरबती देवी ने कहा कि शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन मिलते हैं। सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रेस प्रवक्ता गुलशन भारद्वाज और जिला प्रधान महिपाल सोडे ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।