संवाद न्यूज एजंसी
साढौरा। ऐतिहासिक तोरांवाला तालाब के तट पर स्थित शिव मंदिर के शिवलिंग का सावन माह के दौरान रोजाना सूखे मेवे, ताजे फलों, मिष्ठान आदि से शृंगार किया जा रहा है। इस अलौकिक शृंगार से अलंकृत शिवलिंग के दर्शन करने यहां भक्तों का तांता लग रहा है।
मंदिर कमेटी के प्रधान मुनीष गर्ग ने बताया कि वैसे तो हर सोमवार को शिवलिंग का शृंगार किया जाता रहा है, लेकिन सावन माह के दौरान यह शृंगार रोजाना किया जाता है। शिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष सजावट किए जाने की योजना बनाई जा रही है। यह शृंगार मंदिर कमेटी के सदस्य व कॉस्मेटिक दुकानदार नवीन विक्की की स्वेच्छा से अपनी पत्नी सोनिया तथा बेटों पर्व व प्रणय के सहयोग से किया जाता है। इसका सारा खर्च भी वह खुद ही सहन करते हैं।
दुकानदार विक्की ने बताया कि शिवलिंग के शृंगार के लिए ड्राई फ्रूट, ताजे फलों, मिष्ठान, सब्जी, दालों, अनाज, बेलपत्र, फूल, वस्त्र, चॉकलेट, टॉफी व पेयजल की बोतलों आदि का इस्तेमाल किया जाता है। इन वस्तुओं का अलग-अलग इस्तेमाल करके रोजाना नए स्वरूप में शिवलिंग का शृंगार किया जाता है। इसके अलावा डिजाइन के अनुसार रंगोली भी बनाई जाती है।
पिहोवा के अरुणाय मंदिर के शिवालय में किए गए शृंगार को देखकर उन्हें यहां भी ऐसा ही करने की प्रेरणा मिली थी। जिसे वह भोले शंकर की कृपा से बखूबी अंजाम देते आ रहे हैं। विक्की अपने परिवार सहित रोजाना देर शाम को मंदिर पहुंचकर यह काम करते हैं। मनीष गर्ग ने बताया कि शृंगार में इस्तेमाल की गई वस्तुओं को अगले दिन प्रसाद के तौर पर श्रद्धालुओं को बांट दिया जाता है।