केंद्र सरकार ने तीन महीने में तीसरी बार चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक की है। सरकार ने देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते चीन की 118 एप पूर्ण रूप से बैन कर दिए हैं। इसमें टिकटॉक की तरह बेहद लोकप्रिय हो चुके पबजी गेमिंग एप भी शामिल है।
बता दें कि देशभर में पबजी के करोड़ों यूजर थे। जबकि जिले के करीब तीन लाख लोग पबजी पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहते थे। सरकार की इस डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक का जिलावासियों ने दिल खोलकर समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि सरकार के इस कदम से चीन की कमर टूट गई है। इससे चीन को करोड़ों रुपये की सीधी चपत लगी है। लोगों का कहना है कि सबसे पहले देश है।
चीन चोरी कर रहा था डाटा
छात्र भानू प्रताप ने कहा कि चीन इन एप के जरिये लोगों का डाटा और निजी जानकारी चोरी कर रहा था। वहीं पबजी भारत की सबसे लोकप्रिय गेमिंग एप बन गई थी। जिससे चीन को करोड़ों की आमदनी हो रही थी।
ऐसी कार्रवाई थी बेहद जरूरी
छात्र रितिक ने इनसे चीन की सैकड़ों करोड़ रुपये की आय थी। पबजी गेम खेलने में अधिकांश लोग एप द्वारा मांगी जाने वाली सभी परमिशन ओके कर देते थे। जिससे चीन भारत की सुरक्षा में सेंधमारी की कौशिश कर रहा था।
सरकार ने उठाया उचित कदम
व्यापारी केतन ने बताया कि पबजी देशवासियों के लिए एक बीमारी सी बन गया था। लॉकडाउन में इसकी लोकप्रियता और भी अधिक बढ़ गई थी। सरकार की यह डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक उचित और सटीक कदम है।
चाइना को दिया करारा जवाब
शहरवासी वरुण शर्मा ने कहा कि चीन लगातार सीमा पर गतिरोध पैदाकर रहा है। उसे सबक सीखाना जरूरी था। सरकार ने एप बैन करके चीन को करारा जवाब दिया है। उनके साथ पूरा देश सरकार के फैसले का समर्थन कर रहा है।