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Yamuna Nagar News: डीसी ने गलती पकड़ी आंकड़ों में उलझे पार्षद

Tue, 17 Feb 2026 03:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट बैठक सोमवार को जिमखाना क्लब में हुई। निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ट्रेनिंग के चलते छुट्टी पर थे, इसलिए डीसी प्रीति बैठक में पहुंची। निगम अधिकारियों ने जैसे ही बजट मौजूद वित्त वर्ष के बजट के आय और व्यय के खर्च का ब्योरा प्रस्तुत किया तो डीसी ने कमियों को पकड़ लिया।
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इसके लिए उन्होंने नगर निगम के एएमसी धीरज कुमार व मेयर सुमन बहमनी और बजट ब्योरा प्रस्तुत करने वाले सीनियर अकाउंट ऑफिसर के साथ काफी देर तक चर्चा की। एसएनओ ने माना कि गलती हुई है। जिसके बाद काफी देर तक सभी एक दूसरे के साथ चर्चा करते हुए इसे ठीक करने में लगे रहे।
सदन की बैठक में अधिकारियों ने जो बजट प्रस्तुत किया था वह ज्यादातर पार्षदों की समझ में ही नहीं आया। क्योंकि सीनियर अकाउंट ऑफिसर बैठक में जो आंकड़े प्रस्तुत कर रहे थे और पार्षदों को जो डिटेल दी गई थी वह एक दूसरे से बिल्कुल भी मेल नहीं खा रही थी।
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बैठक में केवल चार पार्षदों ने ही बजट से संबंधित सवाल-जवाब किए, जबकि नगर निगम में कुल 22 वार्ड हैं। बाकी पार्षद बजट पर चर्चा के बजाय वार्ड की अन्य समस्याएं ही उठाने लगे, जिस पर डीसी व मेयर ने उन्हें यह कह कर चुप करा दिया कि आज केवल बजट पर ही चर्चा होगी।
बजट पर पार्षदों की स्वीकृति लेना भूले अधिकारी : करीब अधिकारी बजट पास कराने के लिए पार्षदों की स्वीकृति लेना भूल गए। आखिरी में डीसी प्रीति व मेयर सुमन बहमनी के संबोधित के बाद बैठक को खत्म कर दिया गया। वार्ड 20 के पार्षद विक्रम राणा व वार्ड तीन के पार्षद जयंत स्वामी का कहना है कि अधिकारियों ने बैठक में बजट पर केवल चर्चा ही करवाई। किसी ने पार्षदों से यह नहीं पूछा कि बजट को सर्व सम्मति से पास किया जाए या नहीं।
पार्षदों ने उठाए अपने वार्ड के मुद्दे : वार्ड 17 के पार्षद दीक्षित कुमार ने बैठक में वार्ड में सफाई न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में 14 कॉलोनियां हैं और कर्मचारियों की संख्या महज 15 है। इनमें से भी कोई न कोई कर्मचारी छुट्टी पर रहता है। जब स्वच्छता के लिए नगर निगम के पास बजट की कोई कमी नहीं है तो सफाई का कार्य प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से टेंडर लगाकर क्यों नहीं कराया जा रहा। वार्ड सात के पार्षद प्रियांक शर्मा ने वार्ड में बने सामुदायिक केंद्रों की जर्जर हालत होने से इनसे कोई आय प्राप्त नहीं होने का मामला उठाया। डीसी ने सदन की अगली बैठक से पहले इस पर कोई निष्कर्ष निकालने का आश्वासन दिया। संवाद
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