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कॉलेज में मोबाइल पर पाबंदी मजूर नहीं

Fri, 31 Jul 2015 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
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मोबाइल पर पाबंदी लगाने पर डीएवी गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने कॉलेज में दो घंटे तक जमकर हंगामा किया। कॉलेज के बाहर रेलवे रोड पर प्रदर्शन किया। कुछ देर जाम भी लगाया।
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छात्राओं ने आरोप लगाया कि टीचर्स ने मोबाइल प्रयोग करने पर बीकॉम द्वितीय वर्ष की एक छात्रा को थप्पड़ मारे और स्ट्राइक कर रहीं छात्राओं को कॉलेज में बंधक बनाए रखा। डीएसपी उषा व शहर थाना प्रभारी राजीव मिगलानी ने मौके पहुंचकर छात्राओं को समझाया और प्रबंधन से बातचीत करवाई।

छात्राओं ने प्रबंधन को लिखित में शिकायत दी। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि मोबाइल पर पाबंदी नहीं हटाई गई तो वे दोबारा प्रदर्शन करेंगी।

मोबाइल पर पाबंदी लगाने के विरोध में छात्राएं वीरवार सुबह करीब 11 बजे कॉलेज प्रांगण में एकत्रित हुईं। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। जैसे ही छात्राएं गेट की तरफ बढ़ीं, कॉलेज प्रबंधन ने गेट बंद करवा दिया गया और किसी भी छात्रा को गेट से बाहर आने नहीं दिया।
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करीब 15 मिनट तक छात्राएं गेट खुलवाले के लिए गेट मैन से कहती रहीं, लेकिन गेट नहीं खोला गया। छात्राओं ने गेट को जोर-जोर से हिलाने के साथ हूटिंग शुरू कर दी। करीब 20 मिनट बाद गेट खुलने पर छात्राएं कॉलेज गेट के सामने रेलवे रोड पर आ गईं। सड़क के बीच आकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और हूटिंग कर विरोध जताया।

कार पर चढ़कर की हूटिंग  
छात्राओं में कॉलेज के प्रति इतना रोष था कि वे कॉलेज गेट के बाहर खड़ी एक टीचर की कार के ऊपर चढ़ गईं और नारेबाजी व हूटिंग करने लगीं। इससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार का ऊपरी हिस्सा नीचे धंस गया। यही नहीं छात्राओं ने लगभग दो घंटे तक कॉलेज के अंदर व बाहर जमकर नारेबाजी की।

फोन का कोड न बताने पर जड़े थप्पड़  
बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा नैंसी शर्मा का कहना है कि कुछ दिन पहले फ्री लेक्चर में वह कॉलेज प्रांगण में आकर गाने सुन रही थीं। इस दौरान तीन टीचरों ने आकर उससे मोबाइल छीन लिया। आरोप है कि टीचर ने उससे मोबाइल का प्राइवेसी कोड पूछा। जब उसने कोड बताने से मना किया तो टीचर से उसे थप्पड़ मारे और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वहीं कुछ अन्य छात्राओं ने भी इसका विरोध जताया। वीरवार को भी कुछ छात्राओं से प्रशासन ने मोबाइल छीने जिससे छात्राओं का गुस्सा फूट गया।

फोन से जबरन चेक करते हैं डाटा
छात्राओं ने बताया कि कॉलेज प्रशासन द्वारा उन्हें कॉलेज और बस में भी मोबाइल यूज करने नहीं दिया जाता। यदि फ्री लेक्चर में वे मोबाइल यूज करती हैं तो उनसे जबरन फोन ले लिया जाता है और उसके अंदर का डाटा चेक किया जाता है। इससे उनकी प्राइवेसी खत्म होती है। आरोप यह भी है कि मोबाइल ऑन पाए जाने पर उनसे एक हजार रुपये तक का जुर्माना लिया जाता है।

कोई घटना हो तो कैसे दें सूचना  
छात्रा योगिता, रुचि, सलोनी, प्रियंका, नैंसी ने बताया कि कॉलेज में मोबाइल अलाउड नहीं होने से यदि उनके पास फोन नहीं होगा तो कॉलेज या कॉलेज के बाहर और कॉलेज से आते-जाते यदि उनके साथ कोई घटना हो जाती है तो वे इसके बारे में अपने परिजनों व पुलिस को कैसे सूचना देंगी। 70 प्रतिशत छात्राएं उत्तरप्रदेश से आती है जो ट्रेन से अप डाउन करती हैं। ऐसे में उनके साथ यदि कोई घटना होती है तो वे घर पर कैसे सूचना देंगी।

पिछले साल कॉलेज में मोबाइल पर कोई पाबंदी नहीं थी लेकिन कुछ छात्राएं क्लास के दौरान मोबाइल यूज करती थीं। इससे पढ़ाई में बाधा पहुंचती थी। इस बार कॉलेज प्रबंधन ने मोबाइल पर पाबंदी लगाई है। छात्रा को थप्पड़ नहीं मारा गया। छात्रा लेक्चर मिस कर फोन पर बात कर रही थी। उससे केवल मोबाइल लिया गया था। शुक्रवार को प्रिंसिपल आ जाएंगी। उनके आने पर ही मोबाइल पर पाबंदी होगी या नहीं उसका निर्णय लिया जाएगा।
विश्व मोहनी, डायरेक्टर, वुमन स्टडी सेंटर डीएवी कॉलेज, यमुनानगर।

डीएवी कॉलेज में छात्राओं के प्रदर्शन की सूचना पर कॉलेज में आए थे। छात्राएं मोबाइल पर पाबंदी लगाने का विरोध कर रही थीं। छात्राओं की लिखित शिकायत कॉलेज प्रबंधन ने ले ली है। इस पर कॉलेज प्रबंधन ही कार्रवाई करेगा। जहां तक कि छात्रा को थप्पड़ मारने का सवाल है, अभी तक शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर जो कार्रवाई बनेगी कर दी जाएगी।
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- राजीव मिगलानी, एसएचओ, थाना शहर यमुनानगर।
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