यमुनानगर जिले में नेशनल हाईवे-73 पर बाईपास पर मंगलवार को एक बाइक सवार को बचाते समय डीएवी गर्ल्स कॉलेज की बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस पलटने से बस में सवार 40 छात्राओं में से 32 छात्राएं घायल हो गईं।
घायल 21 छात्राआें को सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर और 11 छात्राआें को उपचार के लिए गाबा अस्पताल में भरती करवाया गया, जहां से देर शाम नौ छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि 23 छात्राओं का अभी भी इलाज चल रहा है। इनमें से नौ छात्राओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।हालांकि इन छात्राओं की हालत खतरे से बाहर है।
करीब तीन बजे पंचकुला-रूड़की रोड पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे डीएवी गर्ल्स कॉलेज की गोलनी रूट की बस नंबर एक विभिन्न कक्षाआें की छात्राओं को छोड़ने जा रही थी। बस में करीब 40 छात्राएं सवार थीं। नेशनल हाईवे-73 पंचकुला-रूड़की रोड पर जब बस बाइपास से विश्वकर्मा चौक की ओर नीचे उतर रही थी तो अचानक बस के सामने एक बाइक आ गई।
बाइक को बचाने के चक्कर में बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। जिससे करीब 32 छात्राएं घायल हो गईं। घटना में चालक और परिचालक भी घायल हो गए। घटना की सूचना कंट्रोल रूम में दी गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह बस में फंसी छात्राआें और चालक को बाहर निकाला।
कु छ देर के बाद मौके पर एंबुलेंस और पुलिस पहुंच गई और घायलाें को गाबा अस्पताल और सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
ये हैं घायल
घायल छात्राओं में बीकॉम प्रथम वर्ष की कान्हड़ी कला निवासी सुजाता, कांधड़ी निवासी प्रीती, गंदापुरा निवासी सलोनी, बीए प्रथम वर्ष की गोलनी निवासी नीतू, अकबरपुर निवासी प्रियंका, स्यालबा निवासी उपासना, स्यालबा निवासी अंजली, गोलनी निवासी सपना राणा, बीएससी प्रथम वर्ष की सुखदासपुरा निवासी हर्ष, बीएससी द्वितीय वर्ष की गंदापुरा निवासी मल्लिका, बीए फाइनल वर्ष की भूतमाजरा निवासी अनु, गोलनपुर निवासी पूजा, बीएससी फाइनल वर्ष की सुखदासपुरा निवासी रीटा, स्यालबा निवासी अंजली शामिल हैं।
‘ चोटिल चालक ने निकाला बाहर’
छात्रा मल्लिका ने बताया कि बस पलटने के बाद छात्राआें ने शोर मचाना शुरू किया। चालक सुमित ने चोटिल होते हुए भी परिचालक और अन्य लोगाें की मदद से बस में फंसी छात्राआें को बाहर निकाला। चालक ने अकेले ही कई छात्राओं को बस से बाहर निकाला और राहगीरों की मदद से अस्पताल में पहुंचाया। छात्राओं ने चालक की हिम्मत की सराहना की। उन्हाेंने बताया कि चालक की कोई गलती नहीं है।
डीसी और एसपी ने जाना हाल
घटना की सूचना मिलने पर जिला उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ और पुलिस अधिक्षक शिवास कविराज समेत कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी ट्रॉमा सेंटर और गाबा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने छात्राआें का हालचाल पूछा और उनका ढांढस बंधाया। उन्हाेंने कॉलेज प्राचार्या डॉ. सुषमा आर्य से भी बात की।