यमुनानगर। जिले में दो मासूम बच्चियों से हुई दरिंदगी के बाद लोगों का आक्रोश थमने की बजाय बढ़ रहा है। सामाजिक संगठनों ने बुधवार को सड़कों पर उतरकर इंसाफ मार्च निकाला और पुलिस के खिलाफ लघु सचिवालय में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान समाज के लोगों ने एकजुट होकर बच्चियों से दरिंदगी करने वाले हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग की। साथ ही नशे के कारोबार पर रोक लगाने में फेल बूड़िया थाना प्रभारी और दो एएसआई को भी सस्पेंड करने की मांग की। लोगों ने कहा कि जब तक बच्चियों की मौत के मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका संघर्ष इसी तरह से चलता रहेगा।
जानकारी के अनुसार यमुनानगर में हुई दो मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आवामी एकता मंच नागरिक व सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यमुनानगर में दो दिन में दो बच्चियों के साथ हुई वारदात से हर कोई आहत हैं। उनका कहना था कि जिले में महिलाओं से छेड़खानी, दुष्कर्म की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है। पुलिस इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने में पूरी तरह से नाकाम है। नशे का कारोबार बढ़ने के कारण यमुनानगर में अपराध में वृद्धि हुई है। रोष मार्च निकालने के बाद लोग एसपी कार्यालय पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना पर हेड क्वार्टर डीएसपी कंवलजीत सिंह पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा कर शांत किया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अपना मांग पत्र उन्हें सौंपा। जिसमें उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई और बूड़िया थाना प्रभारी व दो एएसआई को सस्पेंड करने की मांग की। डीएसपी ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ये रही प्रमुख मांग
- छह साल की बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपी को फांसी दिलाई जाए।
-जिले में बिना रोक-टोक के चल रहे नशे के कारोबार को प्रतिबंधित किया जाए।
-बूड़िया थाने में प्रदर्शन करने वाले 19 लोगों के खिलाफ दर्ज केस को वापस लिया जाए।
- महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म की घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
-नशे के कारोबार पर रोक न लगा पाने पर बूड़िया थाना प्रभारी व दो एएसआई को सस्पेंड करने की मांग ।
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