संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अपनों के संग त्योहार मनाने की डगर इस बार दूसरे राज्यों में रह रहे लोगों के लिए आसान नहीं है। उन्हें पैतृक घर जाने के लिए इन दिनों ट्रेनों में सीट नहीं मिल पा रही है। वहीं, इस बार रेलवे ने त्योहारों के लिए कोई स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई है। त्योहारों के कारण ट्रेनों में भारी भीड़ है। हालात ऐसे हैं कि कई ट्रेनों में नोरूम स्टेटस आ गया है और जिन अन्य गाड़ियों में वेटिंग भी बहुत लंबी है।
त्योहारों के दिन नजदीक आने के साथ ट्रेनों में वेटिंग भी बढ़ती जा रही है। अतिरिक्त गाड़ियां न चलने से लोगों को ट्रेनों में कंफर्म सीट नहीं मिल पा रही है।
शहर की दशमेश कॉलोनी निवासी राजकुमार शाह, सतेंद्र यादव, प्रमोद याद ने बताया कि अपने पैतृक घर जाने के लिए देवरिया की टिकट बनवाने स्टेशन आए थे। वह जिस ट्रेन की टिकट बनवा चाह रहे थे, उसमें सीट तो दूर वेटिंग भी नहीं मिली। ट्रेन में नोरूम स्टेटस आ गया है और अन्य ट्रेनों में वेटिंग 200 तक पहुंच गई है। अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग खत्म हो गई है। हर साल त्योहार के दिनों में ट्रेनें फुल हो जाती है और सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। इस बार सभी त्योहार एक ही महीने में आने से यह समस्या और ज्यादा बढ़ गई है।
इस बार 20 अक्टूबर को दिवाली और 25 अक्टूबर से तीन दिवसीय छठ महापर्व भी शुरू हो जाएगा। दूसरे राज्यों में काम करने व रहने वाले लोग त्योहारों पर अपने घर जाते हैं। इस बार ट्रेनों में भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इस बार हालात अन्य सालों की अपेक्षा काफी ज्यादा खराब हैं। रेलवे ने इस बार अतिरिक्त गाड़ियां नहीं चलाई है। जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। रेलवे ने चंडीगढ़ से कुछ स्पेशल चलाई हैं पर किसी का ठहराव यमुनानगर जगाधरी स्टेशन पर नहीं दिया है। बता दें कि जिले में लखनऊ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल, बिहार, पश्चिमी बंगाल, असम, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित अन्य राज्यों के ढाई लाख लोग काम करते हैं।