संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। पवित्र रमजान माह के पहले जुमा की नमाज मस्जिदों में अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। सुबह से ही रोजेदारों में खासा उत्साह देखा गया। नमाज से पहले मस्जिदों में कुरआन-ए-पाक की तिलावत की गई और रमजान की फजीलत पर बयान हुआ।
शहर की प्रमुख मस्जिद जामा मस्जिद व अन्य मस्जिदों में नमाजियों की लंबी कतारें नजर आईं। मस्जिदों के बाहर भी नमाजियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखी गई। इमामों ने अपने खुत्बे में रमजान के महीने की अहमियत बयान करते हुए रोजा, नमाज और जकात की पाबंदी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह महीना सब्र, रहमत और मगफिरत का पैगाम देता है।
नमाज के बाद रोजेदारों ने मुल्क में अमन-शांति, तरक्की और भाईचारे के लिए खास दुआ की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी। बाजारों में भी रौनक देखने को मिली और जरूरतमंदों की मदद के लिए कई सामाजिक संगठनों ने इफ्तार और राशन वितरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रमजान के पहले जुमा को लेकर मुस्लिम समुदाय में विशेष उत्साह रहा और पूरे माह इबादत के इस सिलसिले को और अधिक लगन से निभाने का संकल्प लिया गया।
इस्लाम में हर नमाज को अदा करना फर्ज : मौलाना कासिम
प्रतापनगर। जामा मस्जिद अंसारियान प्रतापनगर में बड़ी संख्या में रोजेदार और नमाजी पहुंचे। मस्जिद के इमाम मौलाना कासिम साहब ने कहा कि इस्लाम में हर नमाज फर्ज है, लेकिन रमजान के महीने में इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि रोजेदार दिनभर रोजा रखकर शाम को इफ्तार करते हैं और रात में तरावीह की नमाज अदा कर अल्लाह से रहमत और मगफिरत की दुआ मांगते हैं। पहले जुमे के अवसर पर प्रताप नगर, फैजपुर, ताजेवाला, बुडिया और बरौली माजरा सहित क्षेत्र की सभी जामा मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए गए थे। बाजार में रोजा इफ्तार से जुड़ी सामग्री, खजूर, फल, सेवइयां और अन्य खाद्य वस्तुओं की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। संवाद